जिला जेल के बंदी भाइयों को रक्षा सूत्र भेंट कर मनाया रक्षा बंधन पर्व
छिंदवाड़ा जिला जेल में श्री योग वेदांत सेवा समिति की बहनों ने बंदी भाइयों को रक्षा सूत्र भेंट कर रक्षा बंधन पर्व मनाया। साध्वी प्रतिमा बहन ने कर्म बंधनों से मुक्ति और सतर्क जीवन जीने का संदेश दिया। बहनों ने बंदियों और जेल स्टाफ का वैदिक पूजन कर मिठाई खिलाई। कार्यक्रम में समिति के पदाधिकारी और महिला सदस्य मौजूद रहीं।
UNITED NEWS OF ASIA. यज्ञ राज पटेल, छिंदवाड़ा l रक्षा बंधन के अवसर पर श्री योग वेदांत सेवा समिति की बहनों ने जिला जेल पहुंचकर बंदी भाइयों को रक्षा सूत्र भेंट किए और उनके साथ पर्व मनाया। परम पूज्य संत श्री आशाराम जी बापू की प्रेरणा से समिति की ओर से प्रतिवर्ष जिला जेल के बंदी भाइयों के साथ रक्षा बंधन मनाने की परंपरा निभाई जाती है। कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों के बीच भाई-बहन के स्नेह और अपनत्व की भावना को मजबूत करना तथा उन्हें जीवन में सद्कर्म और आत्मचिंतन का संदेश देना रहा।
इस अवसर पर साध्वी प्रतिमा बहन ने बंदी भाइयों को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य के जीवन में तीन प्रकार की जेल मानी गई हैं। पहली माता के गर्भ की जेल, दूसरी सरकार की जेल और तीसरी कर्म बंधनों की जेल है। उन्होंने कहा कि मनुष्य पहली और दूसरी जेल से किसी न किसी समय मुक्त हो सकता है, लेकिन कर्मों के बंधन से मुक्ति के लिए जीवन में सतर्कता और अच्छे आचरण की आवश्यकता होती है। उन्होंने बंदियों से अपने कर्मों पर विचार करने और सोच-समझकर कार्य करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के दौरान समिति की बहनों ने सभी बंदी भाइयों का वैदिक विधि से पूजन किया और उन्हें रक्षा सूत्र बांधकर मुंह मीठा कराया। बहनों के स्नेह और अपनत्व से भावुक हुए कई बंदियों की आंखों से आंसू निकल आए। इस दौरान जेल स्टाफ को भी रक्षा सूत्र भेंट किए गए। समिति की ओर से जिले के जनप्रतिनिधियों तथा देश की सुरक्षा में तैनात सैनिकों को भी रक्षा सूत्र भेंट करने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि रक्षा बंधन के पर्व पर उनकी कलाई भी सूनी न रहे।
समिति के अनुसार पूज्य बापूजी की प्रेरणा से देशभर की करीब 1300 जेलों में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनसे छह लाख से अधिक बंदी भाइयों के लाभांवित होने की बात कही गई है। आयोजन को सेवा, स्नेह और सामाजिक समरसता से जोड़ते हुए समिति के सदस्यों ने इसे मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करने वाला प्रयास बताया।
कार्यक्रम में साध्वी रेखा बहन, लिंगा महिला समिति की अध्यक्ष ललिता घोंघे, प्रीति सोनोनरे, सुधा ताम्रकार, विमल शेरके, रुपाली इंगले, मीना गोदवानी, सुधा राउत, कांता लोखंडे, दीपा डोडानी और सोना चुग्लानी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहीं। समिति के अध्यक्ष मदन मोहन परसाई, खजरी आश्रम के संचालक जय राम भाई, गुरुकुल प्रभारी सोमनाथ पवार, ऋषि प्रसाद साहित्य संभाग प्रभारी तुकाराम भाई, अश्विनी गोदवानी और सुभाष इंगले ने भी आयोजन में सेवाएं दीं।
समिति के अध्यक्ष मदन मोहन परसाई ने जिला जेल अधीक्षक प्रतीक जैन सहित समस्त जेल स्टाफ का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की जानकारी समिति के मीडिया प्रभारी भगवान दिन साहू ने दी।