पुलिस के अनुसार आरोपी रायपुर शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से बाइक और स्कूटर चोरी करते थे। इसके बाद चोरी के वाहनों को ओडिशा ले जाकर बेचने का काम किया जाता था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि चोरी के वाहनों की पहचान छिपाने के लिए कुछ गाड़ियों पर ओडिशा पासिंग की फर्जी नंबर प्लेट लगाई जाती थी।
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब 20 अगस्त को पुलिस को सूचना मिली कि कोतवाली थाना क्षेत्र के मोतीबाग स्थित एक ऑटो डील दुकान पर एक व्यक्ति बिना दस्तावेज के एक्टिवा बेचने पहुंचा है। सूचना मिलते ही एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और कोतवाली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
पूछताछ में संदिग्ध की पहचान टोपेश्वर साहू उर्फ संजू साहू के रूप में हुई। पुलिस ने उससे एक्टिवा के दस्तावेज मांगे, लेकिन वह कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया गया, लेकिन बाद में पूछताछ के दौरान उसने उक्त एक्टिवा को कोतवाली थाना क्षेत्र से चोरी करना स्वीकार किया।
इसके बाद पुलिस ने उससे रायपुर में हुई अन्य वाहन चोरी की घटनाओं के संबंध में पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक टोपेश्वर ने आजाद चौक, न्यू राजेंद्र नगर, कोतवाली, सिविल लाइन, तेलीबांधा और खम्हारडीह थाना क्षेत्रों से कुल 9 दोपहिया वाहन चोरी करने की जानकारी दी। उसने बताया कि चोरी के वाहनों को वह ओडिशा निवासी अपने साथियों को देता था, जिसके बाद तीनों मिलकर वाहनों को ओडिशा में बेचते थे।
जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम ओडिशा पहुंची और भालूमुंडा क्षेत्र में दबिश देकर सूजल मेहेर उर्फ करण तथा एक नाबालिग को पकड़ा। पुलिस ने तीनों आरोपियों की निशानदेही पर 9 चोरी के दोपहिया वाहन बरामद किए। इनमें 7 एक्टिवा, एक स्प्लेंडर और एक एसएस बजाज शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार बरामद 6 वाहनों के संबंध में रायपुर के कोतवाली, आजाद चौक, न्यू राजेंद्र नगर और खम्हारडीह थानों में पहले से अपराध दर्ज हैं। इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) और 305 के तहत कार्रवाई की गई है। जांच के दौरान धारा 317(2) और 3(5) BNS भी जोड़ी गई है।
जांच में यह भी सामने आया कि तीनों आरोपियों की मुलाकात रायपुर के एक होटल में हुई थी, जहां वे वेटर के रूप में काम करते थे। बाद में तीनों ने होटल की नौकरी छोड़ दी और आपस में संपर्क में रहकर दोपहिया वाहन चोरी कर उन्हें बेचने का काम शुरू कर दिया।
पुलिस के मुताबिक टोपेश्वर साहू पहले भी वाहन चोरी के मामले में जेल जा चुका है। वर्ष 2023 में रायपुर के अलग-अलग क्षेत्रों से 10 दोपहिया वाहन चोरी के मामले में थाना न्यू राजेंद्र नगर की पुलिस ने उसके खिलाफ कार्रवाई की थी।
फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। बरामद वाहनों के संबंध में आगे की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने इससे पहले कितने वाहन चोरी किए और चोरी के वाहनों की खरीद-फरोख्त में इनके साथ और कौन लोग जुड़े हुए हैं।