2500 से अधिक स्कूलों में एक-एक शिक्षक, 72 हजार बच्चों की पढ़ाई पर संकट: कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना

यू-डाइस प्लस 2025-26 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 2500 से अधिक स्कूलों में 72 हजार से ज्यादा बच्चों के लिए केवल एक-एक शिक्षक होना शिक्षा व्यवस्था की बदहाल स्थिति को दर्शाता है। कांग्रेस ने शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में तत्काल नियुक्ति और लंबित शिक्षक भर्ती पूरी करने की मांग की है।

Aug 24, 2026 - 12:43
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2500 से अधिक स्कूलों में एक-एक शिक्षक, 72 हजार बच्चों की पढ़ाई पर संकट: कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में स्कूलों में शिक्षकों की कमी को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने यू-डाइस प्लस 2025-26 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि प्रदेश के 2500 से अधिक स्कूलों में 72 हजार से ज्यादा बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी केवल एक-एक शिक्षक पर है। कांग्रेस ने इसे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर स्थिति बताते हुए सरकार के पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध होने के दावों पर सवाल उठाए हैं।

धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि सरकार की ओर से स्कूलों में पर्याप्त शिक्षकों की उपलब्धता के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन यू-डाइस प्लस की रिपोर्ट इन दावों पर सवाल खड़े करती है। उनका कहना है कि जब एक ही शिक्षक को अलग-अलग कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी उठानी पड़े, तो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की व्यवस्था प्रभावित होना स्वाभाविक है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार कागजों में शिक्षकों की मौजूदगी दिखाकर अपनी उपलब्धियां गिना रही है, जबकि जमीनी स्तर पर कई स्कूल शिक्षक, पुस्तक और भवन जैसी मूलभूत जरूरतों से जूझ रहे हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता के मुताबिक स्कूल खुले करीब दो महीने होने के बावजूद प्रदेश के कई हिस्सों में शिक्षकों और आवश्यक सुविधाओं की कमी बनी हुई है। धमतरी और बालोद सहित विभिन्न क्षेत्रों में विद्यार्थियों द्वारा शिक्षकों और अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर आवाज उठाने का भी उन्होंने उल्लेख किया। उन्होंने सवाल किया कि यदि स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध हैं तो विद्यार्थियों को शिक्षकों की मांग को लेकर आंदोलन करने की जरूरत क्यों पड़ रही है।

धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के कई स्कूलों में विषयवार शिक्षकों की कमी है। कहीं हिंदी, कहीं अंग्रेजी, रसायन, सामाजिक विज्ञान और भूगोल जैसे विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। प्राथमिक स्कूलों में भी शिक्षकों की कमी की समस्या सामने आ रही है। उन्होंने सरकार से पूछा कि पर्याप्त शिक्षक नहीं होने की स्थिति में स्कूलों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कैसे उपलब्ध कराई जाएगी।

कांग्रेस ने शिक्षक भर्ती को लेकर भाजपा सरकार के पुराने चुनावी वादों पर भी सवाल उठाए। धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने 57 हजार शिक्षकों की भर्ती का वादा किया था। इसके बाद तत्कालीन शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने 33 हजार शिक्षकों की भर्ती की घोषणा की थी। बाद में वित्त मंत्री ओपी चौधरी की ओर से 20 हजार शिक्षकों की भर्ती की घोषणा का उल्लेख करते हुए कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ी। मुख्यमंत्री की ओर से 5 हजार शिक्षकों की भर्ती की घोषणा के बावजूद पदों की संख्या घटाए जाने का भी कांग्रेस ने आरोप लगाया।

धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि एक तरफ 57 हजार शिक्षकों की भर्ती का वादा किया गया, वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में स्कूलों में शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था की उपलब्धियों और रेटिंग का प्रचार करने के बजाय स्कूलों में शिक्षकों की वास्तविक स्थिति पर ध्यान दे।

कांग्रेस ने मांग की है कि धमतरी, बालोद सहित प्रदेश के सभी शिक्षकविहीन और शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में तत्काल पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति की जाए। साथ ही लंबित शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को पूरा कर रिक्त पदों पर भर्ती की जाए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो और उन्हें बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।