साय ने कहा कि मोदी स्वयं को प्रधानमंत्री नहीं बल्कि प्रधान सेवक मानते हैं और “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र के साथ देश को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज का नया भारत आत्मनिर्भरता, सुरक्षा और वैश्विक सम्मान की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने गरीब कल्याण योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि जन-धन योजना के तहत करोड़ों बैंक खाते खोले गए, जिनमें बड़ी संख्या महिलाओं के नाम पर हैं। आयुष्मान भारत योजना से करोड़ों लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा मिली है, जबकि मुफ्त राशन योजना ने महामारी और संकट के समय आम जनता को राहत दी है।
साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत करोड़ों परिवारों को पक्के घर मिले हैं। उज्ज्वला योजना से महिलाओं को धुएं से मुक्ति मिली है। जल जीवन मिशन के तहत करोड़ों घरों तक नल से जल पहुंचाया गया है और स्वच्छ भारत मिशन के जरिए स्वच्छता को एक जन आंदोलन बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि किसानों के लिए किसान सम्मान निधि और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं ने आर्थिक मजबूती दी है। मध्यम वर्ग के लिए कर सुधारों ने राहत दी है, जबकि लखपति दीदी योजना और मुद्रा योजना ने महिलाओं और छोटे उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाया है।
साय ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत की सांस्कृतिक पहचान को भी नया सम्मान मिला है। प्रमुख स्थलों के नाम परिवर्तन, नए संसद भवन का निर्माण, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी और अन्य परियोजनाओं ने राष्ट्रीय गौरव को बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि योग, स्वदेशी और वोकल फॉर लोकल जैसे अभियानों ने भारत की वैश्विक पहचान मजबूत की है।
छत्तीसगढ़ के संदर्भ में साय ने कहा कि राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना, रेलवे परियोजनाओं और उड़ान योजना के माध्यम से विकास कार्य तेज हुए हैं। उन्होंने बताया कि हजारों करोड़ रुपये के निवेश से राज्य में आधारभूत संरचना मजबूत हो रही है।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी संबोधन दिया और कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था और वैश्विक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
साय ने कहा कि यह 12 वर्ष का काल भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की मजबूत नींव साबित हुआ है और आगे देश और अधिक गति से विकास करेगा।