निर्माण बिना भुगतान का आरोप: साईंखेड़ा खुर्द पंचायत में लाखों की अनियमितता की शिकायत, कलेक्टर से जांच की मांग

बुरहानपुर जिले के नेपानगर क्षेत्र की साईंखेड़ा खुर्द ग्राम पंचायत में निर्माण कार्य किए बिना लाखों रुपये के भुगतान का आरोप लगा है। ग्रामीणों ने सरपंच और तत्कालीन सचिव पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कलेक्टर से जांच और कार्रवाई की मांग की है।

Jul 30, 2026 - 18:11
 0  2
निर्माण बिना भुगतान का आरोप: साईंखेड़ा खुर्द पंचायत में लाखों की अनियमितता की शिकायत, कलेक्टर से जांच की मांग

UNITED NEWS OF ASIA. महेश किनगे, नेपानगर l बुरहानपुर जिले के नेपानगर क्षेत्र की साईंखेड़ा खुर्द ग्राम पंचायत में निर्माण कार्य किए बिना लाखों रुपये का भुगतान किए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने सरपंच और तत्कालीन सचिव पर वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर को शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

शिकायतकर्ता जोतमल राठौर ने कलेक्टर को दिए आवेदन में बताया कि ग्राम पंचायत में राजेश काले के घर से जीवन पंडरी के घर तक सीमेंट कंक्रीट नाली निर्माण के लिए लगभग 2.20 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। उनका आरोप है कि मौके पर नाली का निर्माण नहीं हुआ, लेकिन पूरी राशि का भुगतान कर दिया गया। इसके अलावा नाली की सफाई के नाम पर 30 हजार रुपये का भुगतान भी दर्शाया गया, जबकि ग्रामीणों का कहना है कि सफाई का कार्य भी कभी नहीं कराया गया।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि सहायक सचिव के भाई की किराना दुकान के नाम पर भी कई भुगतान किए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब उन्होंने इस संबंध में सरपंच और सचिव से जानकारी मांगी तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। शिकायतकर्ता ने अपने आरोपों के समर्थन में संबंधित भुगतान से जुड़े दस्तावेज भी कलेक्टर कार्यालय में प्रस्तुत किए हैं।

ग्राम पंचायत सदस्य भास्कर नेहाते ने भी शिकायत का समर्थन करते हुए बताया कि उनके वार्ड में सड़क किनारे सीसी सीमेंट कंक्रीट नाली निर्माण के लिए लगभग 2.20 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे, लेकिन नाली का निर्माण नहीं किया गया। इसके बावजूद भुगतान कर दिया गया। उन्होंने बताया कि इस मामले की शिकायत उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर भी दर्ज कराई है।

मामले में सहायक सचिव प्रकाश इंगले से पक्ष जानने का प्रयास किया गया। उन्होंने तत्काल कोई जानकारी देने से इनकार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे की तैयारियों को लेकर बैठक में जा रहे हैं और बाद में जानकारी उपलब्ध कराएंगे।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो पंचायत में हुए अन्य कार्यों की भी वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। उनका आरोप है कि विकास कार्यों के नाम पर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया है, जिससे गांव के आवश्यक कार्य अधूरे रह गए हैं।

अब ग्रामीणों की नजर जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ वित्तीय अनियमितता के मामले में कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल कलेक्टर कार्यालय ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच की प्रक्रिया शुरू करने के संकेत दिए हैं।