प्रतिबंध के बाद भी धड़ल्ले से बन रहा एनालॉग पनीर, सीहोर में रेड; 25 क्विंटल जखीरा जब्त
मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर के निर्माण और बिक्री पर प्रतिबंध के बावजूद सीहोर के पचामा गांव स्थित रुद्रांश डेयरी फैक्ट्री में इसका उत्पादन जारी था। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग और संभागीय उड़न दस्ते की संयुक्त टीम ने देर रात छापेमारी कर 25 क्विंटल अमानक एनालॉग पनीर जब्त किया। जांच में पैकेजिंग और लेबलिंग में भी कई खामियां मिलीं।
UNITED NEWS OF ASIA. सीहोर। मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताए जा रहे ‘एनालॉग पनीर’ के निर्माण और बिक्री पर प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद इसके उत्पादन का मामला सामने आया है। सीहोर जिले के पचामा गांव स्थित रुद्रांश डेयरी फैक्ट्री में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग और संभागीय उड़न दस्ते की संयुक्त टीम ने देर रात छापामार कार्रवाई की। टीम ने फैक्ट्री से करीब 25 क्विंटल अमानक और प्रतिबंधित एनालॉग पनीर जब्त किया है।
खाद्य आयुक्त को मिली शिकायत के बाद संभागीय उड़न दस्ता प्रभारी पंकज श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम ने रुद्रांश डेयरी फैक्ट्री में दबिश दी। अचानक हुई कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में एनालॉग पनीर मिला। टीम ने जब्त किए गए उत्पाद को सील कर दिया।
पैकेजिंग और लेबलिंग में मिली गड़बड़ी
जांच के दौरान खाद्य विभाग की टीम को उत्पाद की पैकेजिंग और लेबलिंग में भी कई अनियमितताएं मिलीं। अधिकारियों के अनुसार, पैकेटों पर कंपनी का नाम और उत्पाद से संबंधित आवश्यक जानकारी स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं थी। इस तरह की खामियां खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं को दी जाने वाली जानकारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
कार्रवाई के दौरान टीम ने फैक्ट्री में मौजूद उत्पादों की जांच की और प्रतिबंधित एनालॉग पनीर का बड़ा जखीरा जब्त किया। संबंधित अधिकारियों की ओर से मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।
एक सप्ताह पहले भी हुई थी कार्रवाई
बताया गया है कि 12 अगस्त को मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद भी इसी रुद्रांश डेयरी फैक्ट्री से 2 क्विंटल से अधिक एनालॉग पनीर पकड़ा गया था। उस कार्रवाई के बावजूद फैक्ट्री में बड़े पैमाने पर कथित रूप से अमानक पनीर का उत्पादन जारी रहने की बात सामने आई है।
एक सप्ताह के भीतर दोबारा बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित उत्पाद मिलने से खाद्य सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के पालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन की कार्रवाई से साफ है कि प्रतिबंध के बावजूद ऐसे उत्पादों के निर्माण और बिक्री पर निगरानी जारी है।
फिलहाल खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग और संभागीय उड़न दस्ते की टीम ने 25 क्विंटल एनालॉग पनीर जब्त कर लिया है। अब मामले में आगे की जांच और नियमानुसार कार्रवाई के बाद यह स्पष्ट होगा कि फैक्ट्री में प्रतिबंधित उत्पाद का निर्माण किस स्तर पर किया जा रहा था और इसके पीछे कौन-कौन लोग जिम्मेदार हैं।