उफनती नदी के बीच स्कूल की राह, एक-दूसरे का हाथ थाम नदी पार कर रहीं छात्राएं
रामनगर नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 14 के करौदी गांव में बारिश के दौरान स्कूली बच्चों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। स्कूल जाने के लिए बच्चों को उफनती छोटी नदी पार करनी पड़ती है। बुधवार को सामने आए वीडियो में दो छात्राएं एक-दूसरे का हाथ थामकर तेज बहाव के बीच नदी पार करती नजर आईं। ग्रामीण वर्षों से पुल या सुरक्षित रपटा बनाने की मांग कर रहे हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. बारिश का मौसम शुरू होते ही रामनगर नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 14 स्थित करौदी गांव के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। गांव के बच्चों को स्कूल जाने के लिए छोटी नदी पार करनी पड़ती है। नदी पर अब तक न तो पुल बनाया गया है और न ही ऐसा सुरक्षित रपटा तैयार किया गया है, जिससे बारिश के दिनों में बच्चे और ग्रामीण आसानी से आवागमन कर सकें।
बुधवार को सामने आए एक वीडियो ने यहां की समस्या को उजागर कर दिया। वीडियो में दो स्कूली छात्राएं उफनती नदी को पार करती दिखाई दे रही हैं। दोनों छात्राएं एक-दूसरे का हाथ थामकर तेज बहाव के बीच आगे बढ़ती हैं और एक-दूसरे को सहारा देते हुए किसी तरह नदी के दूसरी तरफ पहुंचती हैं। पानी का बहाव तेज होने के बावजूद स्कूल पहुंचने के लिए उनके पास कोई सुरक्षित वैकल्पिक रास्ता नजर नहीं आता।
बारिश में बढ़ जाता है खतरा
ग्रामीणों के मुताबिक करौदी क्षेत्र के कई बच्चों को स्कूल जाने के लिए इस नदी को पार करना पड़ता है। सामान्य दिनों में जलस्तर कम रहने के कारण लोग किसी तरह नदी पार कर लेते हैं, लेकिन बारिश के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ बहाव भी तेज हो जाता है। ऐसे में स्कूली बच्चों के लिए नदी पार करना बेहद जोखिम भरा हो जाता है।
सबसे ज्यादा चिंता छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर रहती है। अभिभावकों को हर दिन डर बना रहता है कि कहीं नदी पार करते समय कोई हादसा न हो जाए। इसके बावजूद पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए कई बच्चे मजबूरी में नदी पार कर स्कूल जाने को मजबूर हैं।
पुल निर्माण का वर्षों से इंतजार
ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या केवल स्कूली बच्चों तक सीमित नहीं है। बारिश के दिनों में गांव के आम लोगों का आवागमन भी प्रभावित होता है। नदी पर पुल या मजबूत रपटा नहीं होने के कारण जलस्तर बढ़ने पर लोगों के लिए दूसरी ओर जाना मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीणों के अनुसार, नदी पर पुल निर्माण को लेकर कई बार जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा सर्वे भी कराया जा चुका है। सर्वे के बाद लोगों को उम्मीद थी कि जल्द निर्माण कार्य शुरू होगा, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ सका। वर्षों से ग्रामीण पुल निर्माण का इंतजार कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश हर साल आती है और नदी हर साल उफान पर होती है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हुआ। उनका कहना है कि जब तक नदी पर पुल या सुरक्षित रपटा नहीं बनाया जाता, तब तक बच्चों और ग्रामीणों की परेशानी बनी रहेगी।
वायरल वीडियो सामने आने के बाद एक बार फिर प्रशासन की कार्यप्रणाली और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सवाल यह है कि यदि बारिश के दौरान नदी का जलस्तर और बढ़ जाए तो स्कूली बच्चों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था किए जाने की मांग की है।