चार साल से लापरवाही का आरोप, ग्रामसभा में जिम्मेदारों की गैरमौजूदगी पर भड़के ग्रामीण

अमरवाड़ा की जुंगावाड़ा ग्राम पंचायत के थावड़ी गांव में गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित ग्रामसभा को लेकर ग्रामीणों ने पंचायत प्रतिनिधियों की कथित गैरमौजूदगी पर नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने सरपंच, सचिव और उपसरपंच की अनुपस्थिति का आरोप लगाते हुए पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने विकास कार्यों, वित्तीय राशि के उपयोग, पेयजल व्यवस्था और लंबे समय से खराब पाइपलाइन को लेकर जांच एवं जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। पंचायत इंस्पेक्टर अशोक सराठिया ने कहा कि सचिव से उनकी बात हुई थी और सचिव के ग्रामसभा में शामिल होने की जानकारी दी गई।

Oct 3, 2026 - 19:09
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चार साल से लापरवाही का आरोप, ग्रामसभा में जिम्मेदारों की गैरमौजूदगी पर भड़के ग्रामीण

UNITED NEWS OF ASIA. यज्ञराज पटेल, छिंदवाड़ा l अमरवाड़ा जुंगावाड़ा ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले थावड़ी गांव में गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित ग्रामसभा को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी सामने आई। ग्रामीणों ने पंचायत के जिम्मेदार पदाधिकारियों की कथित गैरमौजूदगी को लेकर सवाल उठाते हुए पंचायत की कार्यप्रणाली की जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत स्तर पर पिछले करीब चार वर्षों से लापरवाही और उदासीनता की स्थिति बनी हुई है।

ग्रामीणों द्वारा तैयार किए गए लिखित पत्र में ग्रामसभा में सरपंच, सचिव और उपसरपंच की कथित अनुपस्थिति सहित कई मुद्दों का उल्लेख किया गया है। ग्रामीणों ने कहा कि ग्रामसभा गांव की समस्याओं और विकास कार्यों पर चर्चा का महत्वपूर्ण मंच है। ऐसे में जिम्मेदार प्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी को लेकर उन्होंने नाराजगी जताई।

ग्रामीणों ने पंचायत के विकास कार्यों और वित्तीय राशि के उपयोग को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पंचायत के पास उपलब्ध राशि का किस प्रकार उपयोग किया गया, इसका विवरण सार्वजनिक किया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने पंचायत के वित्तीय मामलों और विकास कार्यों की जांच कराने की मांग प्रशासन के समक्ष रखी है।

पेयजल व्यवस्था को लेकर भी ग्रामीणों ने समस्या उठाई। उनके अनुसार गांव में पेयजल के लिए बिछाई गई पाइपलाइन लंबे समय से खराब है, जिसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने संबंधित व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है।

ग्रामीणों ने अतिवृष्टि और बाढ़ जैसी परिस्थितियों का भी उल्लेख किया। उनका आरोप है कि ऐसी परिस्थितियों के बावजूद गांव में अपेक्षित विकास कार्य नहीं हो सके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि समस्याओं को कई बार सामने रखने के बावजूद समाधान नहीं होने से नाराजगी बढ़ती जा रही है।

ग्रामसभा में पंचायत प्रतिनिधियों की कथित गैरमौजूदगी को लेकर ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से अपनी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने प्रशासन से पंचायत की कार्यप्रणाली, विकास कार्यों और वित्तीय मामलों की जांच कराने तथा यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आए तो नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की।

ग्रामीण शिवनारायण उईके ने आरोप लगाया कि पंचायत में लगातार लापरवाही की जा रही है और वित्तीय अनियमितताओं के कारण जिम्मेदार लोग ग्रामसभा में शामिल नहीं हो रहे हैं। उनका कहना है कि पंचायत स्तर पर लंबे समय से समस्याएं बनी हुई हैं, जिनका समाधान जरूरी है।

वहीं पंचायत इंस्पेक्टर अमरवाड़ा अशोक सराठिया ने ग्रामीणों के आरोपों के संबंध में अलग पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि पंचायत सचिव से उनकी बात हुई है। उनके अनुसार ग्रामीण श्मशान घाट में सीसी रोड सहित अन्य मांगें कर रहे थे और संबंधित जमीन वनभूमि से जुड़ी होने के कारण परेशानी आ रही है। पंचायत इंस्पेक्टर ने यह भी कहा कि सचिव ग्रामसभा में शामिल हुआ था।

इस मामले में ग्रामीणों द्वारा लगाए गए वित्तीय अनियमितता और पंचायत स्तर पर लगातार लापरवाही के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस सामग्री में उपलब्ध नहीं है। ग्रामीणों ने जांच की मांग की है, जबकि पंचायत इंस्पेक्टर की ओर से सचिव के ग्रामसभा में शामिल होने की बात कही गई है। ऐसे में वास्तविक स्थिति जांच और उपलब्ध पंचायत अभिलेखों के आधार पर स्पष्ट हो सकेगी।