महोत्सव की शुरुआत सुबह जल देवता झूलेलाल जी की पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद शुकराना प्रार्थना और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। धार्मिक कार्यक्रमों में समाज के लोगों ने सहभागिता की। पूजा और प्रार्थना के बाद स्वच्छता संकल्प सभा आयोजित की गई, जिसमें उपस्थित लोगों ने स्वच्छता को अपने जीवन का हिस्सा बनाने और शहर को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया।
स्वच्छता संकल्प सभा के दौरान लोगों से कचरे को अलग-अलग रखने की अपील की गई। इसके साथ ही स्वच्छता को केवल अभियान तक सीमित न रखते हुए इसे संस्कार के रूप में अपनाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में सफाई कर्मियों द्वारा शहर को स्वच्छ रखने के लिए किए जा रहे नियमित कार्यों को रेखांकित करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया गया।
आयोजकों के अनुसार, सफाई कर्मियों का सम्मान इस आयोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। सफाई कर्मियों को तिलक लगाकर और पुष्पवर्षा के साथ सम्मानित किया गया। इसके बाद उन्हें उपहार और स्वल्पाहार भी प्रदान किया गया। आयोजन के माध्यम से सफाई कर्मियों के प्रति सम्मान और उनके योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई।
कार्यक्रम के दौरान स्टार प्लस के ‘भारत के 1%’ कार्यक्रम की प्रतिभागी सौम्या गंगवानी का भी सम्मान किया गया। इसके अलावा समाज की स्वच्छता प्रहरियों माया पंजवानी, अलका थारवानी, आरती हर्षा नागदेव और निकिता लालवानी को भी सम्मानित किया गया।
आयोजक डॉ. धर्मेंद्र कृष्णानी और लक्ष्मी नागदेव ने कहा कि शहर को रोजाना स्वच्छ रखने वाले लोगों के प्रति आभार व्यक्त करना ही सच्चे शुकराने की भावना है। उनके अनुसार, सफाई कर्मी प्रतिदिन अपने कार्य के माध्यम से शहर की स्वच्छता व्यवस्था में योगदान देते हैं और उनके सम्मान से समाज में उनके कार्य के प्रति सम्मान की भावना को बढ़ावा मिलता है।
चतुर्दश शुकराना महोत्सव में धार्मिक कार्यक्रमों के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश भी दिया गया। झूलेलाल जी की पूजा और प्रार्थना के बाद स्वच्छता को लेकर लोगों को जागरूक किया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कचरा अलग रखने और सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता बनाए रखने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
आयोजन के माध्यम से धार्मिक आस्था, सामाजिक सेवा और स्वच्छता के संदेश को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया गया। सफाई कर्मियों के सम्मान के साथ समाज की स्वच्छता प्रहरियों को प्रोत्साहित किया गया। महोत्सव में शामिल लोगों ने स्वच्छता को नियमित व्यवहार और सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाने का संकल्प लिया।
आयोजकों ने कहा कि शहर को स्वच्छ और बेहतर बनाने में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से समाज में सेवा, सम्मान, आभार और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।