बजरंग दल ने कहा कि जिन स्थानों पर विधिवत दुर्गा माता की स्थापना नहीं की जाती, वहां आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को गरबा के नाम से प्रचारित नहीं किया जाना चाहिए। संगठन के अनुसार, यदि कोई संस्था मनोरंजन या सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करना चाहती है तो उसके लिए गरबा से अलग उपयुक्त नाम का इस्तेमाल किया जा सकता है।
संगठन ने कहा कि गरबा केवल मनोरंजन से जुड़ा आयोजन नहीं है, बल्कि इसकी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा भी है। ऐसे में आयोजकों की जिम्मेदारी है कि कार्यक्रम की प्रकृति और उसके स्वरूप को स्पष्ट रखा जाए। बजरंग दल ने आयोजकों से आयोजन के दौरान धार्मिक भावनाओं और कार्यक्रम की गरिमा का सम्मान करने की अपील की है।
गरबा आयोजनों में शामिल होने वाले लोगों को लेकर भी संगठन ने अपनी बात रखी है। बजरंग दल की ओर से कहा गया कि किसी भी समुदाय के व्यक्ति द्वारा जानबूझकर ऐसा व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए, जिससे आयोजन का माहौल खराब हो या किसी तरह की विवाद की स्थिति उत्पन्न हो। संगठन ने सभी प्रतिभागियों से आयोजन की गरिमा और धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने की अपील की है।
ड्रेस कोड को लेकर भी बजरंग दल ने आयोजकों से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि गरबा स्थल पर ऐसे कपड़ों या व्यवहार से बचना चाहिए, जिससे धार्मिक भावनाओं के आहत होने की स्थिति बने। आयोजकों से प्रवेश और आयोजन से संबंधित नियम पहले से स्पष्ट करने तथा उनका पालन सुनिश्चित करने की अपील की गई है।
बजरंग दल ने शासन-प्रशासन को भी आवेदन देकर गरबा आयोजनों की निगरानी और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया है। संगठन का कहना है कि आयोजन से पहले आवश्यक व्यवस्थाएं स्पष्ट रहने से किसी भी तरह की विवाद या कानून-व्यवस्था संबंधी स्थिति को रोका जा सकता है।
संगठन ने यह भी कहा कि वह किसी विवाद या कानून-व्यवस्था की स्थिति के पक्ष में नहीं है। इसी वजह से प्रशासन से पहले ही आवश्यक व्यवस्था और निगरानी की मांग की जा रही है। संगठन के अनुसार, यदि किसी आयोजन में नियमों का उल्लंघन, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली गतिविधि या कानून-व्यवस्था से जुड़ी स्थिति सामने आती है, तो संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष शिकायत प्रस्तुत कर कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी।
बजरंग दल ने आयोजकों से अपील की है कि गरबा आयोजनों को आयोजित करते समय इसकी धार्मिक एवं सांस्कृतिक पृष्ठभूमि का ध्यान रखा जाए। साथ ही कार्यक्रम के नियम, प्रवेश व्यवस्था और ड्रेस कोड जैसी व्यवस्थाओं को पहले से स्पष्ट किया जाए, ताकि आयोजन के दौरान किसी तरह की असमंजस या विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।
यह जानकारी संगठन की ओर से जारी बयान और मांगों पर आधारित है। इसमें लगाए गए दावों और सुझावों पर प्रशासन की ओर से अलग प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।