‘फ्लाईदुबई हमले में शामिल को भारी कीमत चुकानी होगी’, नेतन्याहू की चेतावनी

फ्लाईदुबई की दुबई-तेल अवीव उड़ान FZ1073 में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर कथित तौर पर को-पायलट ने हमला किया था। घटना के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि अगर जांच में यह सामने आता है कि हमलावर को किसी ने भेजा था, तो जिम्मेदार लोगों को “बहुत भारी कीमत” चुकानी होगी। जांच एजेंसियां घटना के मकसद और संभावित बाहरी कनेक्शन की जांच कर रही हैं।

Oct 3, 2026 - 11:44
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‘फ्लाईदुबई हमले में शामिल को भारी कीमत चुकानी होगी’, नेतन्याहू की चेतावनी

UNITED NEWS OF ASIA. फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट FZ1073 में कॉकपिट के अंदर हुए हमले को लेकर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। नेतन्याहू ने कहा कि अगर जांच में यह सामने आता है कि हमलावर को किसी व्यक्ति या संगठन ने भेजा था, तो उसे “बहुत भारी कीमत” चुकानी होगी। हालांकि, उन्होंने किसी देश या संगठन का नाम नहीं लिया और इस संबंध में कोई निर्णायक सबूत सार्वजनिक नहीं किया है।

यह घटना 30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई की FZ1073 उड़ान में हुई थी। विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था और इसमें 170 से अधिक लोग सवार थे। उड़ान के दौरान को-पायलट पर भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला करने और विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश करने का आरोप है। हमले के बाद विमान तेजी से नीचे गया, लेकिन कैप्टन मच्छार घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। इसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने हमलावर को काबू करने में मदद की। विमान को बाद में सऊदी अरब के तबुक में आपात स्थिति में उतारा गया।

नेतन्याहू ने दावा किया कि शुरुआती जांच के आधार पर आरोपी को-पायलट के बारे में इस्लामी कट्टरपंथ से प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। उन्होंने यह भी कहा कि जांचकर्ता इस संभावना की पड़ताल कर रहे हैं कि क्या आरोपी ने अकेले यह कदम उठाया था या उसे किसी ने निर्देश दिया था। उन्होंने इसी संदर्भ में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी।

इस मामले में इजरायली अधिकारी अब आरोपी को-पायलट से पूछताछ करने की तैयारी में हैं। रॉयटर्स के अनुसार, जांच से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि इजरायली अधिकारी सऊदी अरब की हिरासत में मौजूद को-पायलट से पूछताछ कर सकते हैं। घटना के मकसद और संभावित बाहरी संपर्कों को लेकर जांच जारी है।

घटना के बाद भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की भूमिका भी चर्चा में है। रॉयटर्स के अनुसार, मच्छार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वीडियो कॉल के दौरान बताया कि हमले के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे यात्रियों और चालक दल को अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने का मौका मिला। विमान में सवार सभी लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया।

फिलहाल इस घटना की जांच इजरायल समेत संबंधित देशों की एजेंसियां कर रही हैं। हमले के पीछे किसी संगठन या देश की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच का विषय है। नेतन्याहू की “भारी कीमत” वाली चेतावनी इसी संभावित बाहरी साजिश की जांच के संदर्भ में सामने आई है।