वर्षावास की पूर्णता पर श्री तारण तरण दिगंबर जैन चैत्यालय में हुई मंदिर विधि

छिंदवाड़ा के छोटी बाजार स्थित श्री तारण तरण दिगंबर जैन चैत्यालय में वर्षावास की पूर्णता और धार्मिक पाठों के समापन के अवसर पर मंदिर विधि का आयोजन किया गया। अनुष्ठान में ब्रह्मचारिणी बहनों सहित बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्मलाभ लिया।

Oct 4, 2026 - 17:38
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वर्षावास की पूर्णता पर श्री तारण तरण दिगंबर जैन चैत्यालय में हुई मंदिर विधि

UNITED NEWS OF ASIA. यज्ञराज पटेल, छिंदवाड़ा l मध्य प्रदेश की धर्म नगरी छिंदवाड़ा के हृदय स्थल छोटी बाजार स्थित श्री तारण तरण दिगंबर जैन चैत्यालय जी में आश्विन कृष्ण नवमी रविवार के शुभ अवसर पर मंदिर विधि का आयोजन किया गया। सकल तारण तरण दिगंबर जैन समाज, महिला मंडल एवं संस्कृति मंडल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शामिल होकर धर्मलाभ लिया।

यह मंदिर विधि साधक संघ की पांचों ब्रह्मचारिणी बहनों के पावन वर्षावास की पूर्णता के अवसर पर आयोजित की गई। इसके साथ ही संस्कृति मंडल द्वारा श्री तारण त्रिवेणी के 151 बार पाठ तथा महिला मंडल द्वारा आध्यात्मवाणी के 14 ग्रंथों के पाठ की पूर्णता भी इस आयोजन का प्रमुख अवसर रहा।

धार्मिक वातावरण में संपन्न हुए मंदिर विधि अनुष्ठान में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ धार्मिक क्रियाओं में सहभागिता की। आयोजन का उद्देश्य वीतराग धर्म की मंगल प्रभावना को आगे बढ़ाना और धार्मिक साधना एवं आध्यात्मिक गतिविधियों के माध्यम से समाज में धर्म के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना रहा।

मंदिर विधि में पांचों ब्रह्मचारिणी बहनों के साथ पंडित संजय जैन, समाज संरक्षक सुभाष बाबू जैन, मदन जैन, अध्यक्ष प्रदीप स्नेही, उपाध्यक्ष अजय जैन, संस्कृति मंडल अध्यक्ष रुचि सुधीर जैन तथा महामंत्री कल्पना मिलन जैन सहित बड़ी संख्या में श्रावकगण उपस्थित रहे।

इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता करते हुए वीतराग धर्म की मंगल प्रभावना के लिए अपनी आस्था व्यक्त की। वर्षावास की पूर्णता के साथ धार्मिक पाठों के समापन को लेकर समाज में उत्साह का वातावरण रहा। महिला मंडल और संस्कृति मंडल की ओर से किए गए धार्मिक पाठों की पूर्णता को भी विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना गया।

जिनशासन सेवक दीपक राज जैन ने इस सुंदर धार्मिक अनुष्ठान की अनुमोदना करते हुए सकल जैन समाज की ओर से सभी साधक संघ की ब्रह्मचारिणी बहनों, आयोजन से जुड़े सदस्यों और श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने वीतराग धर्म की मंगल प्रभावना और धार्मिक गतिविधियों की निरंतरता के लिए समाज के प्रयासों की सराहना की।
मंदिर विधि के दौरान चैत्यालय परिसर में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहा। समाज के लोगों ने धार्मिक आयोजन में सहभागिता कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया। आयोजन में समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता से सामूहिक धार्मिक एकजुटता भी देखने को मिली।

श्री तारण तरण दिगंबर जैन चैत्यालय में आयोजित यह मंदिर विधि वर्षावास की पूर्णता के साथ धार्मिक साधना, पाठ और आध्यात्मिक गतिविधियों के समापन का अवसर बनी। आयोजन के माध्यम से जैन समाज ने वीतराग धर्म की मंगल प्रभावना और धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।