गोंना में नवाखाई मिलन समारोह, 12 हजार लोगों ने लिया हिस्सा
गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड के राजापड़ाव क्षेत्र स्थित ग्राम गोंना यानी नयापारा में नवाखाई मिलन समारोह एवं ठाकुर जोहारनी कार्यक्रम का भव्य आयोजन हुआ। करीब 8 पंचायतों से लगभग 12 हजार लोग शामिल हुए। पूजा-अर्चना, पारंपरिक स्वागत और बस्तरिया सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आयोजन को खास बना दिया।
UNITED NEWS OF ASIA. राधे पटेल, गरियाबंद l गरियाबंद जिले से बड़ी खबर सामने आई है। मैनपुर विकासखंड के राजापड़ाव क्षेत्र के ग्राम गोंना यानी नयापारा में नवाखाई मिलन समारोह एवं ठाकुर जोहारनी कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राजापड़ाव क्षेत्र की करीब 8 पंचायतों से लगभग 12 हजार लोगों ने हिस्सा लिया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों, सगा-पाहुना और समाज के लोगों की मौजूदगी से पूरा क्षेत्र उत्सव के रंग में नजर आया।
कार्यक्रम स्थल पर सुबह से ही लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। दूर-दराज के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण पारंपरिक वेशभूषा में समारोह में शामिल होने पहुंचे। आयोजन को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम की शुरुआत ठाकुर देव की पूजा-अर्चना और आरती के साथ हुई। इसके बाद पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार अतिथियों और समाज के लोगों का स्वागत किया गया। इस दौरान पीला चावल और पीला गमछा भेंट कर सम्मान और सत्कार की परंपरा निभाई गई। पारंपरिक तरीके से हुए इस स्वागत ने समारोह में सामाजिक और सांस्कृतिक रंग को और गहरा कर दिया।
समारोह में बस्तरिया पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। मांदर की थाप और पारंपरिक गीत-संगीत के बीच कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने लोगों का मन मोह लिया और पूरा गोंना गांव आदिवासी संस्कृति के रंग में रंगा नजर आया।
नवाखाई पर्व नई फसल और नए अन्न के स्वागत से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। इस अवसर पर पेन-पुरखा शक्तियों को नए अन्न का अर्पण कर परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। पर्व के माध्यम से नई फसल के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ सामाजिक एकता, भाईचारे और आपसी सौहार्द का संदेश भी दिया जाता है।
गोंना में आयोजित नवाखाई मिलन समारोह और ठाकुर जोहारनी कार्यक्रम में हजारों लोगों की मौजूदगी ने आयोजन को भव्य बना दिया। करीब 8 पंचायतों से पहुंचे ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से पर्व की परंपराओं को निभाया और एक-दूसरे से मिलकर शुभकामनाएं साझा कीं।
आयोजन के दौरान पारंपरिक संस्कृति और रीति-रिवाजों के संरक्षण की मजबूत तस्वीर भी देखने को मिली। नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने और पारंपरिक पर्वों की महत्ता को आगे बढ़ाने में ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जा रही है।
गोंना में आयोजित इस समारोह ने न केवल नवाखाई पर्व की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत किया, बल्कि बड़ी संख्या में ग्रामीणों को एक मंच पर लाकर सामाजिक एकता और भाईचारे की भावना को भी मजबूत किया।