फर्जी वन अधिकार पट्टा बनाकर 2.10 लाख की धोखाधड़ी, आरोपी गिरफ्तार
कबीरधाम के झलमला थाना क्षेत्र में फर्जी वन अधिकार पट्टा बनाकर तीन लोगों से कुल 2.10 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में पुलिस ने राजेन्द्र धुर्वे को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से फर्जी दस्तावेज जब्त कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कबीरधाम l जिले के झलमला थाना क्षेत्र में फर्जी वन अधिकार पट्टा बनाकर लोगों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। झलमला पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से फर्जी और कूटरचित वन अधिकार पट्टों की प्रतियां भी जब्त की गई हैं। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जिला जेल कबीरधाम भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, थाना झलमला क्षेत्र के ग्राम अंजना निवासी पंछू सिंह धुर्वे ने शिकायत दर्ज कराई थी कि गांव के ही राजेन्द्र धुर्वे ने उसके और उसकी पत्नी के नाम पर वन अधिकार पट्टा बनवाने का झांसा देकर 1 लाख रुपये लिए थे। आरोपी द्वारा दिए गए वन अधिकार पट्टे को लेकर जब शिकायतकर्ता केसीसी ऋण और खाद लेने के लिए सोसायटी पहुंचा, तब उसे दस्तावेज के फर्जी होने की जानकारी मिली।
मामले की जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी ने अन्य लोगों से भी वन अधिकार पट्टा बनवाने के नाम पर रुपये लिए थे। जांच में संतोष धुर्वे से 60 हजार रुपये और चमर सिंह कुशरे से 50 हजार रुपये लेने की बात सामने आई। इस तरह आरोपी द्वारा तीन लोगों से कुल 2 लाख 10 हजार रुपये लिए जाने की जानकारी पुलिस जांच में सामने आई।
पुलिस ने संबंधित वन अधिकार पट्टों की वन विभाग कवर्धा से जांच और सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान इन पट्टों से संबंधित कोई रिकॉर्ड वन विभाग में उपलब्ध नहीं मिला। जांच में दस्तावेज फर्जी और कूटरचित पाए गए, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी।
विवेचना के दौरान पुलिस ने ग्राम अंजना निवासी राजेन्द्र धुर्वे पिता छत्तर सिंह धुर्वे, उम्र 36 वर्ष, को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर फर्जी कूटरचित वन अधिकार पट्टा तैयार करने की बात स्वीकार की। आरोपी की निशानदेही पर उसके पास रखे फर्जी दस्तावेजों की प्रतियां भी पुलिस ने जब्त कीं।
झलमला पुलिस ने आरोपी राजेन्द्र धुर्वे को 3 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया। इसके बाद उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जिला जेल कबीरधाम भेज दिया गया। मामले में थाना झलमला में अपराध क्रमांक 14/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 338 और 336(3) के तहत कार्रवाई की गई है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार और अमित कुमार पटेल के मार्गदर्शन तथा पुलिस अनुविभागीय अधिकारी प्रशांत देवांगन के दिशा-निर्देशन में की गई। थाना प्रभारी निरीक्षक आशीष कंसारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मामले की विवेचना की।
कार्रवाई में प्रधान आरक्षक वसीम रजा कुरैशी, लुदुराम साहू तथा आरक्षक राजेंद्र धुर्वे और सुदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस द्वारा मामले में आरोपी के अन्य साथी की भूमिका समेत प्रकरण से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।