इस ऐतिहासिक फैसले के समर्थन में रतलाम जिले में किसानों और जनप्रतिनिधियों ने कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप का जोरदार स्वागत किया। पूर्व जिलाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह लुनेरा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल मंत्री काश्यप से मिलने पहुंचा और सरकार के इस निर्णय के लिए आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री चेतन्य काश्यप ने कहा कि राज्य सरकार का यह कदम किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण के दौरान उचित मुआवजा मिलना किसानों का अधिकार है और चार गुना मुआवजा देने का निर्णय इसी सोच को दर्शाता है। इससे न केवल किसानों को उनकी जमीन का सही मूल्य मिलेगा, बल्कि उनके जीवन स्तर में भी सुधार आएगा।
उन्होंने आगे कहा कि किसानों की समृद्धि ही प्रदेश और देश की प्रगति का आधार है। जब किसान आर्थिक रूप से मजबूत होगा, तभी समग्र विकास संभव हो सकेगा। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह महत्वपूर्ण फैसला लिया है, जिससे किसानों को नई ऊर्जा और विश्वास मिला है।
मंत्री काश्यप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने में किसानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि देश के विकास में कृषि क्षेत्र की भागीदारी को मजबूत करना जरूरी है और यह निर्णय उसी दिशा में एक ठोस कदम है।
इस अवसर पर भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश महामंत्री एवं पूर्व विधायक दिलीप मकवाना, राहुल सिंह, हंसराज छाबड़ा, दिग्विजयसिंह लुनेरा, कृष्णा शर्मा और राजू गामड़ सहित कई जनप्रतिनिधि और किसान उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में इस फैसले का स्वागत किया और सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
किसानों का कहना है कि इस निर्णय से उन्हें भविष्य के प्रति एक नई उम्मीद मिली है। अब वे अपनी जमीन के बदले उचित मुआवजा प्राप्त कर सकेंगे, जिससे वे अपने जीवन को बेहतर बना सकेंगे और नए अवसरों की तलाश कर पाएंगे।
प्रदेश सरकार का यह कदम न केवल किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। आने वाले समय में इस निर्णय का सकारात्मक प्रभाव ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी देखने को मिलेगा और किसानों की समृद्धि से प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी।