ओमान तट पर भारतीय क्रू वाले तेल टैंकर पर हमला, भारत ने जताया कड़ा विरोध

ओमान तट के पास भारतीय चालक दल के सदस्यों से जुड़े तेल टैंकर पर हुए हमले के बाद भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। घटना में तीन भारतीयों की मौत की खबर है, जबकि 21 अन्य को सुरक्षित बचा लिया गया। भारत ने मामले पर अमेरिकी राजनयिक को तलब कर चिंता जताई है।

Jun 11, 2026 - 13:37
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ओमान तट पर भारतीय क्रू वाले तेल टैंकर पर हमला, भारत ने जताया कड़ा विरोध

UNITED NEWS OF ASIA. ओमान के तट के निकट एक वाणिज्यिक तेल टैंकर पर हुए हमले ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना में भारतीय चालक दल के सदस्य भी सवार थे, जिसके बाद भारत सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है। घटना में तीन भारतीय नागरिकों की मौत होने की खबर सामने आई है, जबकि 21 अन्य भारतीय चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, तेल टैंकर "सेटोबेलो" ओमान तट के समीप समुद्री क्षेत्र में संचालित था। जहाज पर कुल 24 भारतीय चालक दल के सदस्य मौजूद थे। हमले के बाद बचाव अभियान चलाया गया, जिसमें अधिकांश चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया। हालांकि तीन भारतीय नागरिकों के मृत होने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद भारतीय दूतावास और संबंधित एजेंसियां स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में हैं।

विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्गों के लिए गंभीर खतरा बताया है। मंत्रालय ने कहा कि वाणिज्यिक जहाजों पर इस प्रकार के हमले स्वीकार्य नहीं हैं और इससे वैश्विक समुद्री परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

घटना के बाद भारत सरकार ने नई दिल्ली में अमेरिकी कार्यवाहक राजनयिक जेसन मीक्स को तलब कर अपनी चिंता और विरोध दर्ज कराया। विदेश मंत्रालय की ओर से औपचारिक विरोध पत्र (डिमार्श) भी सौंपा गया। भारत ने स्पष्ट किया कि भारतीय नागरिकों और समुद्री कर्मियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसी घटनाओं को लेकर पूरी गंभीरता से कार्रवाई की जानी चाहिए।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने बताया कि ओमान में स्थित भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन और बचाव एजेंसियों के साथ समन्वय बनाए हुए है। लापता और प्रभावित लोगों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है तथा उनके परिवारों को भी लगातार अपडेट दिया जा रहा है।

इस घटना ने समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक व्यापार का बड़ा हिस्सा समुद्री मार्गों के माध्यम से संचालित होता है और ऐसे हमले अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था तथा ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर व्यापक प्रभाव डाल सकते हैं।

घटना को लेकर विभिन्न स्तरों पर जांच जारी है। संबंधित एजेंसियां हमले की परिस्थितियों, जिम्मेदार तत्वों और सुरक्षा चूक के पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। साथ ही सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर सामने आ रही सूचनाओं की भी पुष्टि की जा रही है।

भारत ने दोहराया है कि समुद्री क्षेत्र में कार्यरत भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने और वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा के लिए प्रभावी उपायों की आवश्यकता पर भी जोर दिया है।

यह घटना न केवल प्रभावित परिवारों के लिए दुखद है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा व्यवस्था के सामने भी एक गंभीर चुनौती के रूप में देखी जा रही है। भारत ने स्पष्ट संकेत दिया है कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े मामलों पर वह किसी भी प्रकार की लापरवाही या खतरे को गंभीरता से लेगा और आवश्यक राजनयिक कदम उठाता रहेगा।