27वें कारगिल विजय दिवस पर राष्ट्र ने वीर शहीदों को किया नमन, राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

देशभर में 27वां कारगिल विजय दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई नेताओं ने कारगिल युद्ध के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके साहस, बलिदान और राष्ट्रभक्ति को नमन किया।

Jul 26, 2026 - 16:30
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27वें कारगिल विजय दिवस पर राष्ट्र ने वीर शहीदों को किया नमन, राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। देश आज 27वां कारगिल विजय दिवस पूरे सम्मान और गर्व के साथ मना रहा है। 26 जुलाई 1999 को भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन विजय’ के तहत कारगिल की दुर्गम चोटियों से पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़कर ऐतिहासिक विजय हासिल की थी। इस गौरवपूर्ण अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तथा अन्य नेताओं ने देश के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने संदेश में कहा कि कारगिल विजय दिवस के अवसर पर वह उन सभी वीर सैनिकों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करती हैं जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों ने अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प और देशभक्ति का परिचय देते हुए राष्ट्र की संप्रभुता और सीमाओं की रक्षा की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कारगिल के वीर योद्धाओं को नमन करते हुए कहा कि विषम परिस्थितियों में भारतीय सैनिकों द्वारा दिखाया गया साहस और पराक्रम हमेशा देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उन्होंने कहा कि पूरा राष्ट्र उन बहादुर जवानों का सदैव ऋणी रहेगा जिन्होंने देश की सुरक्षा और सम्मान के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी कारगिल युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बलिदान को देश की अमूल्य धरोहर बताया। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अदम्य साहस, अनुशासन और असाधारण शौर्य का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि देश हमेशा अपने वीर जवानों के सर्वोच्च बलिदान का सम्मान करता रहेगा।

इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक पहुंचकर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज भी देश के सामने सुरक्षा संबंधी चुनौतियां बनी हुई हैं और सीमा पार से घुसपैठ की कोशिशें जारी हैं। ऐसे समय में भारतीय सेना पूरी सतर्कता और मजबूती के साथ देश की सीमाओं की रक्षा कर रही है।

कारगिल विजय दिवस हर वर्ष 26 जुलाई को मनाया जाता है। वर्ष 1999 में भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन विजय’ के तहत कारगिल क्षेत्र की उन रणनीतिक चोटियों को दुश्मनों के कब्जे से मुक्त कराया था, जिन पर घुसपैठ कर कब्जा किया गया था। इस युद्ध में भारतीय सेना के अनेक जवानों ने सर्वोच्च बलिदान देकर देश की अखंडता और संप्रभुता की रक्षा की।

देशभर में इस अवसर पर श्रद्धांजलि सभाओं, स्मृति कार्यक्रमों और विभिन्न आयोजनों के माध्यम से वीर शहीदों को याद किया गया। कारगिल विजय दिवस केवल एक सैन्य जीत का प्रतीक नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, साहस, बलिदान और भारतीय सेना के अदम्य पराक्रम का अमर स्मारक है। आज पूरा देश उन वीर सपूतों को नमन कर रहा है, जिनकी वीरता और बलिदान सदैव आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।