भूमि विक्रय में 1.61 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप, तीन आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज

ग्राम पेण्ड्री निवासी चंदाबाई खरे की शिकायत पर थाना लालबाग पुलिस ने भूमि विक्रय के मामले में 1.61 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी को लेकर तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। शिकायत के अनुसार 0.48 एकड़ भूमि का सौदा 2.05 करोड़ रुपये में तय हुआ था, लेकिन आरोपियों ने 23 लाख रुपये का भुगतान करने के बाद शेष राशि नहीं दी।

Sep 9, 2026 - 19:04
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भूमि विक्रय में 1.61 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप, तीन आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज

UNITED NEWS OF ASIA. नेमिष अग्रवाल, राजनंदगांव l भूमि विक्रय से जुड़े एक मामले में 1.61 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी को लेकर थाना लालबाग पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। ग्राम पेण्ड्री निवासी चंदाबाई खरे ने इस संबंध में थाना लालबाग में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में भूमि के सौदे के बाद तय राशि का पूरा भुगतान नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने शिकायत की जांच के बाद प्रथम दृष्टया अपराध पाए जाने पर प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

शिकायत के अनुसार चंदाबाई खरे की 0.48 एकड़ भूमि, जिसका क्षेत्रफल 0.1916 हेक्टेयर बताया गया है, के विक्रय का सौदा कुल 2.05 करोड़ रुपये में तय हुआ था। आरोप है कि भूमि के सौदे के दौरान संबंधित आरोपियों द्वारा कुल रकम में से केवल 23 लाख रुपये का भुगतान किया गया। इसके बाद शेष 1.61 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया गया। शिकायतकर्ता ने इसी को लेकर पुलिस के समक्ष शिकायत प्रस्तुत करते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की।

मामले में शिकायत की जांच के दौरान पुलिस ने उपलब्ध तथ्यों और दस्तावेजों का परीक्षण किया। जांच के बाद प्रथम दृष्टया अपराध पाए जाने पर थाना लालबाग में अपराध क्रमांक 391/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी BNS 2023 की धारा 318(4) और 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार मामले की विवेचना जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले में नामजद आरोपियों में प्रवीण झलके, प्रभात जैन और लाला यादव शामिल हैं। शिकायत में इन तीनों के खिलाफ भूमि सौदे से संबंधित तय राशि का भुगतान नहीं करने और कथित धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। हालांकि, मामले में आरोपों की वास्तविकता का निर्धारण पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज होना अपने आप में आरोप सिद्ध होने के समान नहीं है।

पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में मामले की जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के निर्देशन में कार्रवाई की गई। नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन ने शिकायत की सूक्ष्मता से जांच कर प्रकरण को विवेचना में लिया। पुलिस द्वारा भूमि से संबंधित दस्तावेजों, भुगतान और सौदे से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच किए जाने की संभावना है, ताकि पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

भूमि विक्रय से जुड़े मामलों में बड़ी रकम के लेन-देन के कारण दस्तावेजों और भुगतान संबंधी रिकॉर्ड महत्वपूर्ण साक्ष्य माने जाते हैं। इस प्रकरण में भी पुलिस जांच के दौरान भूमि सौदे से जुड़े दस्तावेज, भुगतान का विवरण और शिकायत में लगाए गए आरोपों से संबंधित अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया जाएगा। फिलहाल लालबाग पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।