कांग्रेस की ओर से सामने आए दावे के मुताबिक, भाजपा के कार्यकर्ता पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए हैं। बताया गया कि यह प्रवेश विधायक विक्रम शाह मंडावी और कांग्रेस जिलाध्यक्ष लालू राठौर के समक्ष हुआ। इस घटनाक्रम को कांग्रेस की ओर से भाजपा के लिए राजनीतिक झटका बताया जा रहा है। हालांकि, भाजपा ने कार्यकर्ताओं के पार्टी छोड़ने के दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
भाजपा जिलाध्यक्ष घासीराम नाग ने कांग्रेस के इस दावे को झूठा और भ्रामक बताया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अपनी कुछ मांगों को लेकर विधायक के पास पहुंचे थे, लेकिन इस मुलाकात को भाजपा कार्यकर्ताओं के कांग्रेस प्रवेश के रूप में प्रस्तुत किया गया। नाग के अनुसार, इस तरह की गतिविधि के माध्यम से बीजापुर विधायक अपनी राजनीतिक लोकप्रियता बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष ने कांग्रेस के दावे को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि वास्तविक स्थिति कुछ अलग है।
घासीराम नाग ने कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी और कांग्रेस जिला अध्यक्ष लालू राठौड़ पर भ्रामक प्रचार और राजनीतिक हथकंडों का सहारा लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा एक मजबूत संगठन है और उसके कार्यकर्ता पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ पार्टी के साथ खड़े हैं। उनके मुताबिक, कुछ ग्रामीणों के अपनी मांगों को लेकर विधायक से मिलने को राजनीतिक रूप से भाजपा कार्यकर्ताओं के कांग्रेस प्रवेश के रूप में प्रचारित करना उचित नहीं है।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने कांग्रेस पर जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस को इस तरह के राजनीतिक दावों के बजाय अपने संगठन और जनाधार को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता संगठन के साथ मजबूती से जुड़े हुए हैं और पार्टी लगातार जमीनी स्तर पर अपनी गतिविधियां संचालित कर रही है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
घासीराम नाग ने आगामी नगरीय निकाय चुनाव का भी जिक्र करते हुए कहा कि जनता कांग्रेस की कथित सस्ती और भ्रामक राजनीति का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी। वहीं कांग्रेस की ओर से भाजपा कार्यकर्ताओं के पार्टी में शामिल होने का दावा किया गया है। ऐसे में बीजापुर में सामने आए इस राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर दोनों प्रमुख दलों के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। फिलहाल 50 भाजपा कार्यकर्ताओं के कांग्रेस में प्रवेश को लेकर कांग्रेस और भाजपा के दावों में स्पष्ट विरोधाभास है, इसलिए वास्तविक स्थिति संबंधित कार्यकर्ताओं और आधिकारिक पार्टी रिकॉर्ड के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।