भिलाई नगर निगम के कुल 70 वार्डों में से 23 वार्ड अन्य पिछड़ा वर्ग यानी OBC के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें 8 वार्ड OBC महिला और 15 वार्ड OBC मुक्त वर्ग के लिए रखे गए हैं। इसके अलावा 3 वार्ड अनुसूचित जनजाति, 9 वार्ड अनुसूचित जाति और 24 वार्ड सामान्य वर्ग के लिए निर्धारित किए गए हैं। सामान्य वर्ग के 24 वार्डों में 11 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। आरक्षण की प्रक्रिया 2011 की जनगणना के आधार पर वर्ष 2020 में वार्ड परिसीमन के दौरान बनाए गए ब्लॉक के अनुसार पूरी की गई।
भिलाई में अनुसूचित जाति महिला वर्ग के लिए वार्ड 8 कृषणा नगर, वार्ड 43 बापू नगर खुर्सीपार और वार्ड 69 सेक्टर 9 हॉस्पिटल सेक्टर आरक्षित किए गए हैं। अनुसूचित जाति मुक्त वर्ग में वार्ड 1 जुनवानी, वार्ड 5 कोसागर, वार्ड 9 राजीव नगर, वार्ड 32 बैकुंठ धाम, वार्ड 36 श्याम नगर और वार्ड 51 शहीद वीर नारायण शामिल हैं। अनुसूचित जनजाति महिला के लिए वार्ड 61 सेक्टर 6 पूर्व तथा ST मुक्त वर्ग के लिए वार्ड 52 सेक्टर 3 और वार्ड 62 सेक्टर 6 मध्य आरक्षित किए गए हैं।
OBC महिला वर्ग में वार्ड 6 प्रियदर्शनी परिसर, 7 राधिका नगर, 26 राम नगर मुक्तिधाम, 37 संत रविदास नगर, 38 सोनिया गांधी नगर, 45 बालाजी नगर खुर्सीपार, 54 सेक्टर वन दक्षिण और 66 सेक्टर 7 पूर्व शामिल हैं। वहीं OBC मुक्त वर्ग के लिए वार्ड 2 स्मृति नगर, 3 मॉडल टाउन, 4 नेहरू नगर, 10 लक्ष्मी नगर, 19 राजीव नगर कोहका, 21 कैलास नगर कुरूद, 39 चंद्रशेखर आजाद नगर सहित कुल 15 वार्ड आरक्षित किए गए हैं।
भिलाई के शेष वार्डों में अनारक्षित महिला और अनारक्षित मुक्त वर्ग का आरक्षण किया गया है। अनारक्षित महिला वर्ग में वार्ड 11 फरीद नगर, 12 रानी अवन्तिबाई, 15 अंबेडकर नगर कोहका, 23 घासीदास नगर, 24 हाउसिंग बोर्ड, 29 वृंदा नगर, 35 शारदा पारा, 47 राधाकृष्ण मंदिर न्यू खुर्सीपार, 48 जोन 3 खुर्सीपार, 63 सेक्टर 6 पश्चिम और 70 शहीद कौशल यादव वार्ड शामिल हैं। वहीं 24 वार्ड अनारक्षित मुक्त वर्ग में रखे गए हैं।
रिसाली नगर निगम के 40 वार्डों का भी आरक्षण किया गया। इनमें OBC महिला के लिए वार्ड 11 मरोदा सेक्टर पूर्व, 23 प्रगति नगर रिसाली और 30 इस्पात नगर रिसाली आरक्षित हैं, जबकि OBC मुक्त वर्ग में वार्ड 1 तालपुरी, 9 DPS रिसाली सेक्टर, 13 टंकी मरोदा, 24 आजाद मार्केट रिसाली, 26 अवधपुरी, 28 शक्ति विहार और 31 शहीद किरण देशमुख रिसाली बस्ती शामिल हैं। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए भी विभिन्न वार्ड आरक्षित किए गए हैं।
आरक्षण प्रक्रिया के दौरान कांग्रेस नेताओं ने नाराजगी जताई और कलेक्टर के सामने नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं के प्रक्रिया में शामिल नहीं होने की बात भी सामने आई। दूसरी ओर, आरक्षण तय होने के बाद भाजपा, कांग्रेस समेत अन्य राजनीतिक दलों में चुनावी गतिविधियां तेज होने की संभावना है। जिन वार्डों में महिला या आरक्षित वर्ग की सीटें निर्धारित हुई हैं, वहां नए दावेदार सामने आ सकते हैं। वहीं सिटिंग पार्षदों के वार्ड आरक्षित होने की स्थिति में उन्हें दूसरे वार्ड से टिकट की रणनीति बनानी पड़ सकती है।