मध्य प्रदेश में जहरीली शराब से मौतों के बाद छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग अलर्ट, प्रदेशभर में सघन जांच अभियान शुरू

मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब के सेवन से हुई मौतों और गंभीर घटनाओं के बाद छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग ने अवैध शराब के निर्माण, तस्करी, भंडारण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए राज्यभर में विशेष सघन जांच अभियान शुरू किया है। रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, एयरपोर्ट, अंतरराज्यीय सीमाओं, शराब दुकानों, ढाबों और संदिग्ध क्षेत्रों में जांच तेज की गई है।

Sep 9, 2026 - 19:29
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मध्य प्रदेश में जहरीली शराब से मौतों के बाद छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग अलर्ट, प्रदेशभर में सघन जांच अभियान शुरू

UNITED NEWS OF ASIA. मध्य प्रदेश के सागर जिले में हाल ही में जहरीली शराब के सेवन से हुई मौतों और गंभीर घटनाओं को देखते हुए छत्तीसगढ़ शासन का आबकारी विभाग अलर्ट हो गया है। आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने और प्रदेश में किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के उद्देश्य से राज्यभर में अवैध मदिरा के विनिर्माण, तस्करी, भंडारण और विक्रय के खिलाफ विशेष सघन जांच अभियान शुरू किया गया है। विभाग ने मैदानी अधिकारियों को अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई करने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

आबकारी आयुक्त पदुम सिंह एल्मा द्वारा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि राज्य में अवैध और मिलावटी शराब के कारोबार पर लगातार निगरानी रखी जाए। सचिव वाणिज्यिक कर आबकारी विभाग की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग समीक्षा बैठक के बाद विभाग की ओर से अभियान को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। अभियान का उद्देश्य बाहरी राज्यों से होने वाली शराब की तस्करी के साथ-साथ प्रदेश के भीतर अवैध शराब निर्माण और बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाना है।

अभियान के तहत प्रदेश के रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, हवाई अड्डों और अंतरराज्यीय सीमाओं पर स्थित आबकारी जांच चौकियों में निगरानी और जांच बढ़ाई गई है। वाहनों की 24 घंटे सघन जांच की जा रही है, ताकि दूसरे राज्यों से छत्तीसगढ़ में आने वाली अवैध शराब को रोका जा सके। सीमावर्ती क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं।

प्रत्येक जिले में नियमित उड़नदस्ते के अलावा विशेष जांच दल यानी Special Task Team का गठन किया गया है। ये टीमें अवैध और कथित तौर पर जहरीली शराब के कारोबार से जुड़े संभावित ठिकानों पर निगरानी रखेंगी। देशी और विदेशी मदिरा दुकानों में नॉन-ड्यूटी पेड यानी NDP शराब, लीकेज और मिलावटी मदिरा की औचक जांच की जा रही है। इसके साथ ही होटल, ढाबों और अवैध अहातों में भी दबिश देकर जब्ती की कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।

विभाग ने वनांचलों, नदी-नालों और अन्य संदिग्ध क्षेत्रों में अवैध कच्ची शराब बनाने वालों के खिलाफ भी सर्च अभियान चलाने की योजना बनाई है। अवैध स्पिरिट के कारोबार से जुड़े लोगों और उसके आपूर्ति स्रोतों का पता लगाकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अवैध आसवन और स्पिरिट की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की पहचान कर उसके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

आबकारी विभाग ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। अवैध शराब के निर्माण, भंडारण या बिक्री से संबंधित सूचना विभागीय टोल-फ्री नंबर 14405 या मनपसंद ऐप के माध्यम से दी जा सकती है। विभाग का कहना है कि टोल-फ्री नंबर, मनपसंद ऐप, समाचार पत्रों और नागरिकों से प्राप्त सूचनाओं पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही नागरिकों से केवल छत्तीसगढ़ शासन द्वारा निर्धारित मदिरा दुकानों से ही मदिरा खरीदने की अपील की गई है।

प्रदेशभर में चल रहे अभियान की दैनिक निगरानी के लिए प्रभारी अधिकारी, राज्य स्तरीय उड़नदस्ता को नोडल अधिकारी बनाया गया है। नोडल अधिकारी प्रतिदिन दोपहर 12 बजे तक पूरे प्रदेश की कार्रवाई की समेकित रिपोर्ट आबकारी आयुक्त को प्रस्तुत करेंगे। आबकारी आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि कर्तव्य में लापरवाही या शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।