PM आवास कूच के दौरान रोके गए अरविंद केजरीवाल, सड़क पर धरने पर बैठे AAP नेता

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस ने फिरोजशाह रोड पर रोक दिया। इसके विरोध में केजरीवाल और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता सड़क पर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान E-20 पेट्रोल नीति को लेकर केंद्र सरकार से मांगें भी उठाई गईं।

Aug 4, 2026 - 16:15
 0  2
PM आवास कूच के दौरान रोके गए अरविंद केजरीवाल, सड़क पर धरने पर बैठे AAP नेता

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास की ओर प्रस्तावित मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस ने फिरोजशाह रोड पर रोक दिया। पुलिस कार्रवाई के विरोध में केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, आतिशी और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता सड़क पर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता भी शामिल हुए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।

AAP का कहना है कि पार्टी शांतिपूर्ण तरीके से प्रधानमंत्री आवास तक जाकर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपना चाहती थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। वहीं दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी तथा सुरक्षा कारणों से क्षेत्र में प्रतिबंधात्मक आदेश लागू थे।

धरने के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पार्टी 2 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षरों वाली एक याचिका प्रधानमंत्री को सौंपना चाहती थी। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन में ऐसे 100 लोग भी शामिल थे, जिनकी गाड़ियां E-20 पेट्रोल के इस्तेमाल से प्रभावित हुई हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि या तो E-20 पेट्रोल नीति वापस ली जाए या इसकी कीमत 85 रुपये प्रति लीटर तय की जाए। साथ ही लोगों को शुद्ध पेट्रोल और इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल में से अपनी पसंद का विकल्प देने की भी मांग की।

केजरीवाल ने आरोप लगाया कि E-20 पेट्रोल लागू करने का फैसला केवल किसी एक मंत्री का नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रिमंडल का निर्णय है। उन्होंने यह भी दावा किया कि यह नीति बाहरी दबाव में लागू की जा रही है। हालांकि केंद्र सरकार की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।

AAP के वरिष्ठ नेता अनुराग ढांडा ने भी E-20 पेट्रोल नीति का विरोध करते हुए कहा कि इससे बड़ी संख्या में वाहन मालिक प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने सरकार से लोगों की चिंताओं पर गंभीरता से विचार करने और उनकी बात सुनने की अपील की।

इसी बीच प्रधानमंत्री आवास मार्च को लेकर सैकड़ों वकीलों ने भी आपत्ति जताई। वकीलों की ओर से दिल्ली पुलिस आयुक्त को सौंपे गए एक प्रतिनिधित्व पत्र में कहा गया कि प्रधानमंत्री का आधिकारिक आवास देश के सबसे संवेदनशील और उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्रों में शामिल है। ऐसे स्थान की ओर सार्वजनिक मार्च या प्रदर्शन सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकता है।

प्रतिनिधित्व पत्र में 21 जुलाई 2026 को प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए एक अन्य विरोध प्रदर्शन का भी उल्लेख किया गया और हाई-सिक्योरिटी जोन में प्रदर्शनों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश बनाने की मांग दोहराई गई। वकीलों ने दिल्ली पुलिस से अनुरोध किया कि प्रधानमंत्री आवास क्षेत्र की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कानूनी और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं।

इस घटनाक्रम के बाद E-20 पेट्रोल नीति, विरोध प्रदर्शन के अधिकार और उच्च सुरक्षा क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। सरकार की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।