सौसर में रसमलाई में मिली जिंदा इल्ली, मिष्ठान भंडार में खाद्य विभाग की औचक जांच
पांढुरना जिले के सौसर में त्योहारों से पहले खाद्य सुरक्षा को लेकर मामला सामने आया है। ग्राहक आलोक चौहान द्वारा खरीदी गई रसमलाई में जिंदा इल्ली मिलने के बाद हड़कंप मच गया। शिकायत पर तहसीलदार भावना मलगाम और खाद्य विभाग की टीम ने बीकानेर मिष्ठान भंडार में औचक जांच की। टीम ने रसमलाई सहित विभिन्न मिठाइयों और नमकीन के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं। अब खाद्य विभाग की रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर नजर है।
UNITED NEWS OF ASIA. रिंटू खान, सौसर l पांढुरना जिले के सौसर में त्योहारों से पहले खाद्य सुरक्षा को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। सौसर के प्रतिष्ठित बीकानेर मिष्ठान भंडार से खरीदी गई रसमलाई में जिंदा इल्ली मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। ग्राहक आलोक चौहान ने रसमलाई खरीदने के बाद जब उसे देखा तो उसमें जिंदा इल्ली मिलने की शिकायत सामने आई। मामला सामने आने के बाद खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और दुकानों में साफ-सफाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। त्योहारों के दौरान मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है और ऐसे समय में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है।
शिकायत मिलने के बाद तहसीलदार भावना मलगाम और खाद्य विभाग की टीम तत्काल बीकानेर मिष्ठान भंडार पहुंची और वहां औचक जांच की। जांच के दौरान टीम ने रसमलाई के साथ-साथ दुकान में उपलब्ध विभिन्न प्रकार की मिठाइयों और नमकीन के सैंपल लिए। इन सभी नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है। अब इन सैंपलों की जांच रिपोर्ट के आधार पर खाद्य विभाग आगे की कार्रवाई करेगा। फिलहाल प्रशासनिक टीम की कार्रवाई के बाद दुकान संचालक की ओर से भी मामले को लेकर जवाब सामने आने की उम्मीद है।
मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोग मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की खरीदारी करते हैं। ऐसे में खाद्य सामग्री के निर्माण, भंडारण और बिक्री के दौरान स्वच्छता एवं गुणवत्ता मानकों का पालन होना जरूरी है। रसमलाई जैसी जल्दी खराब होने वाली मिठाई में किसी प्रकार की बाहरी वस्तु या कीड़ा पाए जाने की शिकायत खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। हालांकि, इस मामले में वास्तविक स्थिति क्या है, यह खाद्य विभाग द्वारा लिए गए सैंपलों की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या खाद्य विभाग की कार्रवाई केवल सैंपल लेने तक सीमित रहेगी या जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि इससे पहले भी बीकानेर मिष्ठान भंडार की जांच हो चुकी है, लेकिन उस समय कोई प्रभावी कार्रवाई सामने नहीं आई थी। ऐसे में अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि वर्तमान जांच के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है।
त्योहारों के बीच सामने आए इस मामले ने खाद्य सुरक्षा और दुकानों की निगरानी को लेकर चर्चा तेज कर दी है। प्रशासन द्वारा लिए गए सैंपलों की रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय होगा कि खाद्य मानकों का उल्लंघन हुआ है या नहीं। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल खाद्य विभाग की रिपोर्ट का इंतजार है और सौसर के लोगों की नजर आगे होने वाली प्रशासनिक कार्रवाई पर बनी हुई है। मामले में तहसीलदार भावना मलगाम और फूड इंस्पेक्टर रूपराम सनोडिया की बाइट भी ली गई है।