CM साय ने नगरीय विकास कार्यों में तेजी के दिए निर्देश, चार शहरों में चलेंगी 240 ई-बसें

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की समीक्षा बैठक में शहरों में नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने अमृत मिशन के लंबित कार्यों को मिशन मोड में पूरा कर शत-प्रतिशत पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने, नालंदा परिसरों के निर्माण में तेजी लाने और स्वच्छता व्यवस्था बेहतर करने पर जोर दिया। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में 240 ई-बसें चलाने की तैयारी है, जबकि 8 नगरीय निकायों में करीब 800 करोड़ रुपये की लागत से सीबीजी प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं।

Sep 9, 2026 - 09:06
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CM साय ने नगरीय विकास कार्यों में तेजी के दिए निर्देश, चार शहरों में चलेंगी 240 ई-बसें

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की समीक्षा बैठक लेकर प्रदेश के शहरों में नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरों का विकास केवल अधोसंरचना निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि नागरिकों को स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, बेहतर सड़क, प्रकाश व्यवस्था और सुगम सार्वजनिक परिवहन जैसी मूलभूत सुविधाएं गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से मिलनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को सभी योजनाओं और निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने नालंदा परिसर योजना की प्रगति की समीक्षा की। युवाओं को आधुनिक अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश के 38 नगरीय निकायों में सेंट्रल लाइब्रेरी सह रीडिंग जोन नालंदा परिसर के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। इनमें 31 परिसरों का निर्माण वर्तमान में प्रगतिरत है। मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन परिसरों में तेजी लाकर उन्हें जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने रायपुर में बन रहे नालंदा परिसर की प्रगति की जानकारी भी ली और युवाओं के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने नगरोत्थान योजना की समीक्षा करते हुए शहरों की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर अधोसंरचना विकसित करने पर जोर दिया। योजना के तहत प्रदेश के 14 नगर निगमों में मुख्य सड़कों के चौड़ीकरण, बाईपास, फ्लाईओवर, सर्विस लेन और अंडरपास सहित यातायात से जुड़ी सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। वहीं आदर्श शहर समृद्धि योजना के तहत 32 नगरीय निकायों का चयन किया गया है और वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इसके लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

शहरों में स्वच्छता और पर्यावरण सुधार को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में रायपुर ने 189 अंक हासिल कर देश में छठा स्थान प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि के लिए विभाग और नगर निगम की टीम को बधाई दी। उन्होंने शहरों में हरित क्षेत्र बढ़ाने, नए उद्यान विकसित करने और कम वृक्ष वाले क्षेत्रों की पहचान कर व्यापक वृक्षारोपण करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक नगरीय निकाय में ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रसंस्करण के लिए प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने पात्र हितग्राहियों को आवास का लाभ जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वीकृत आवासों, निर्माण, आवंटन और व्यवस्थापन की स्थिति की जानकारी ली तथा संबंधित प्रक्रियाओं में तेजी लाने को कहा।

सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने के लिए रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में कुल 240 ई-बसें चलाने की तैयारी की जा रही है। योजना के तहत आवश्यक अधोसंरचना संबंधी कार्य मार्च 2027 से पहले पूरा करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-बसों से नागरिकों को आधुनिक और सुविधाजनक परिवहन सुविधा मिलेगी तथा पर्यावरण-अनुकूल शहरी परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।

अमृत मिशन 2.0 की समीक्षा के दौरान धीमी प्रगति पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने लंबित कार्यों को मिशन मोड में पूरा कर नगरीय क्षेत्रों में शत-प्रतिशत पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने को प्राथमिकता देने कहा। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में आधुनिक तकनीक और गुणवत्तापूर्ण निर्माण पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा 8 नगरीय निकायों में लगभग 800 करोड़ रुपये की लागत से कम्प्रेस्ड बायो गैस प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सभी योजनाओं का लाभ धरातल पर सुनिश्चित करने और विकास कार्यों की सतत निगरानी के निर्देश दिए।