जिले में पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए कलेक्टर गोपाल वर्मा के सख्त निर्देश
कवर्धा जिले में आगामी गर्मी को देखते हुए पेयजल संकट से निपटने के लिए कलेक्टर गोपाल वर्मा ने जल जीवन मिशन के कार्यों की गहन समीक्षा की। उन्होंने सभी लंबित और धीमी प्रगति वाले कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की पेयजल समस्या न होने देने के निर्देश दिए।
UNITED NEWS OF ASIA .कवर्धा | कवर्धा जिले में आगामी गर्मी के मौसम के दौरान पेयजल संकट की किसी भी संभावना को समाप्त करने के उद्देश्य से कलेक्टर गोपाल वर्मा ने जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों, निर्माण एजेंसियों तथा ठेकेदारों के कार्यों की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के सभी ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों में पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। जहां से भी पेयजल से संबंधित शिकायतें प्राप्त हों, वहां तत्काल कार्रवाई कर समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में जल जीवन मिशन के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों की गति और गुणवत्ता पर विशेष चर्चा करते हुए कलेक्टर ने सभी निर्माण एजेंसियों और ठेकेदारों को निर्देश दिए कि निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण किए जाएं। साथ ही निर्माण की गुणवत्ता पर किसी भी स्तर पर समझौता न किया जाए।
कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि जिन गांवों में योजना के अंतर्गत कार्य पूर्ण हो चुके हैं, वहां ग्राम पंचायतों को हैंडओवर करते हुए सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए। उन्होंने बताया कि कई गांवों में छोटे-मोटे शेष कार्यों के कारण प्रमाणन की प्रक्रिया लंबित है, जिसे संबंधित सरपंचों से समन्वय कर तुरंत पूरा किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में जल जीवन मिशन के कार्यों को प्रगति के आधार पर 100 प्रतिशत, 95 प्रतिशत, 90 प्रतिशत तथा 90 प्रतिशत से कम श्रेणियों में वर्गीकृत कर सूची तैयार की जाए और प्रत्येक श्रेणी की नियमित समीक्षा की जाए। जिन गांवों में कार्यों की गति धीमी है, वहां कारणों की पहचान कर संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए बाधाओं को दूर किया जाए।
कलेक्टर ने जल स्रोतों की कमी, तकनीकी दिक्कतों एवं अन्य समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए कहा कि इन सभी मुद्दों पर त्वरित और व्यावहारिक समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि पाइपलाइन बिछाने के दौरान जिन सड़कों को खोदा गया है, वहां मरम्मत कार्य तत्काल कराया जाए ताकि आम नागरिकों को असुविधा न हो।
कलेक्टर गोपाल वर्मा ने अधिकारियों को नियमित फील्ड विजिट कर कार्यों की गुणवत्ता एवं समय-सीमा की निगरानी करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि केवल कागजी प्रगति नहीं, बल्कि धरातल पर परिणाम दिखाई देने चाहिए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ विनय पोयाम, कार्यपालन अभियंता दिलीप राजपूत, उप संचालक कृषि विभाग अमित मोहंती, विद्युत विभाग, छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण के अधिकारी, ठेकेदार एवं विभिन्न एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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