सुकमा में सड़क सुरक्षा माह के तहत रक्तदान शिविर, एसपी किरण चव्हाण ने किया पहला रक्तदान
36वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत सुकमा जिला अस्पताल में रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने स्वयं रक्तदान कर समाज को मानवता और सड़क सुरक्षा का संदेश दिया। पुलिस अधिकारियों, जवानों और पत्रकारों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया।
UNITED NEWS OF ASIA. रीजेंट गिरी, बीजापुर | सुकमा (छत्तीसगढ़) | जिले में चलाए जा रहे 36वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अवसर पर आज जिला अस्पताल सुकमा में एक सराहनीय पहल के तहत रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को समय पर रक्त उपलब्ध कराकर उनकी जान बचाना है।
कार्यक्रम की शुरुआत सुकमा पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण द्वारा स्वयं रक्तदान कर की गई। एसपी द्वारा रक्तदान कर न केवल पुलिस बल, बल्कि आम नागरिकों को भी मानवता, सामाजिक जिम्मेदारी और सेवा भाव का सशक्त संदेश दिया गया। उनका यह कदम उपस्थित लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बना।
इस अवसर पर एसपी किरण चव्हाण ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर सहायता और रक्त मिलना अत्यंत आवश्यक होता है। कई बार केवल रक्त की कमी के कारण कीमती जिंदगियां चली जाती हैं। यदि समाज का हर व्यक्ति आगे आकर रक्तदान और दुर्घटना पीड़ितों की मदद करे, तो अनेक परिवार उजड़ने से बच सकते हैं। उन्होंने लोगों से यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग तथा किसी भी दुर्घटना की स्थिति में घायलों की सहायता के लिए तत्पर रहने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान यातायात व्यवस्था में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए यातायात प्रभारी अनुराग सोनवानी को पुलिस अधीक्षक द्वारा शाबाशी दी गई। यह सम्मान जिले में बेहतर यातायात प्रबंधन और सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
रक्तदान शिविर में सुकमा पुलिस अनुविभागीय अधिकारी परमेश्वर तिलकवार ने भी रक्तदान कर अभियान को समर्थन दिया। उनके साथ डीएसपी मोनिका श्याम, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) सुकमा, नगर निरीक्षक शिवानंद तिवारी, रक्षित निरीक्षक रवि उपाध्याय, बड़ी संख्या में पुलिस जवान तथा स्थानीय पत्रकार भी मौजूद रहे।
रक्तदान शिविर में पुलिस अधिकारियों, जवानों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जिला अस्पताल के चिकित्सकीय स्टाफ की देखरेख में सुरक्षित तरीके से रक्त संग्रह किया गया।
यह कार्यक्रम न केवल सड़क सुरक्षा माह को सार्थक बनाता है, बल्कि समाज में सेवा, संवेदनशीलता और सहयोग की भावना को भी मजबूत करता है। सुकमा पुलिस की यह पहल निश्चित रूप से अन्य जिलों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण है।