राघव चड्ढा के दिल्ली वोटर बनने पर AAP ने उठाए सवाल, चुनाव आयोग ने दी प्रक्रिया की जानकारी
पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से नाम हटने के कुछ दिनों बाद राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम दिल्ली के राजिंदर नगर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में शामिल होने को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग से प्रक्रिया पर स्पष्टीकरण मांगते हुए SIR में अनियमितता के आरोप लगाए हैं। वहीं चुनाव अधिकारियों ने कहा कि राघव चड्ढा का नाम स्वीकृत फॉर्म-6 के आधार पर दिल्ली की मतदाता सूची में शामिल किया गया है। अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को जारी होनी है।
UNITED NEWS OF ASIA. पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से नाम हटने के कुछ ही दिनों बाद राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम दिल्ली की मतदाता सूची में शामिल होने को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। राघव चड्ढा का नाम दिल्ली के राजिंदर नगर विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में जुड़ने के बाद आम आदमी पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने निर्वाचन आयोग से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगते हुए आरोप लगाया है कि SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के दौरान नियमों और तय प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा है।
दरअसल, 2 सितंबर को पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद राघव चड्ढा का नाम उसमें दिखाई नहीं दिया था। उनके नाम के सामने ‘Permanently Shifted’ दर्ज होने की बात कही गई। इसके बाद 7 सितंबर को दिल्ली की मतदाता सूची में उनका नाम राजिंदर नगर विधानसभा क्षेत्र में शामिल होने की जानकारी सामने आई। इसी समय अंतर को लेकर आम आदमी पार्टी ने सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का कहना है कि पंजाब की वोटर लिस्ट से नाम हटने के कुछ ही दिनों के भीतर दिल्ली की सूची में नाम किस प्रक्रिया के तहत जोड़ा गया, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
AAP नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा। पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने आरोप लगाया कि SIR के दौरान वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने और हटाने में मनमानी की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि 31 अगस्त को जारी दिल्ली के ड्राफ्ट रोल में राजिंदर नगर के संबंधित बूथ पर 746 मतदाता थे, जबकि बाद में राघव चड्ढा का नाम जोड़कर संख्या 767 हो गई। AAP ने इस घटनाक्रम को लेकर निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं।
वहीं चुनाव अधिकारियों ने आम आदमी पार्टी के आरोपों से अलग तस्वीर पेश की है। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के एक अधिकारी के मुताबिक राघव चड्ढा का नाम किसी विशेष या अलग प्रक्रिया के तहत नहीं, बल्कि मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए जमा किए गए फॉर्म-6 के स्वीकृत आवेदनों के आधार पर जोड़ा गया है। अधिकारी के अनुसार मंगलवार तक दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में नए मतदाताओं के नाम शामिल करने के लिए कुल 700 फॉर्म-6 को निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों द्वारा मंजूरी दी गई थी, जिनमें राघव चड्ढा का आवेदन भी शामिल था।
अधिकारियों के मुताबिक SIR की प्रक्रिया के तहत दिल्ली की वोटर लिस्ट को 16 जून से 31 अगस्त तक फ्रीज रखा गया था। 31 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की गई। इस दौरान नए मतदाताओं के लिए करीब 2.14 लाख फॉर्म-6 जमा किए गए थे। इसके बाद दावे और आपत्तियों की अवधि के दौरान 7 सितंबर तक आठ दिनों में 25,011 अतिरिक्त फॉर्म-6 जमा किए गए। इन आवेदनों पर प्रक्रिया पूरी होने के बाद योग्य मतदाताओं के नाम अंतिम सूची में शामिल किए जाएंगे।
अब इस पूरे मामले में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच सबसे महत्वपूर्ण बात निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया और दस्तावेजों की जांच होगी। अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को जारी की जानी है। ऐसे में राघव चड्ढा के नाम को लेकर उठे सवालों पर आगे क्या स्पष्टीकरण आता है और अंतिम सूची में उनका नाम किस स्थिति में रहता है, इस पर राजनीतिक दलों के साथ-साथ मतदाताओं की भी नजर बनी हुई है।