सावेर पंचायत में कथित भ्रष्टाचार के आरोप, ग्रामीणों ने जांच और कार्रवाई की मांग उठाई

पखांजूर क्षेत्र की ग्राम पंचायत सावेर में कथित भ्रष्टाचार को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ विकास कार्यों को जमीनी स्तर पर पूरा किए बिना कागजों में पूर्ण दिखाकर शासकीय राशि का भुगतान किया गया। ग्रामीणों ने नाली सफाई, नाली निर्माण और इंटरलॉकिंग रोड से जुड़े भुगतान की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

Sep 9, 2026 - 09:15
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सावेर पंचायत में कथित भ्रष्टाचार के आरोप, ग्रामीणों ने जांच और कार्रवाई की मांग उठाई

UNITED NEWS OF ASIA. रोहित देहारी, पखांजूर l पखांजूर क्षेत्र की ग्राम पंचायत सावेर में कथित भ्रष्टाचार को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी सामने आई है। ग्रामीणों ने पंचायत में कराए गए विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कुछ कार्यों को जमीनी स्तर पर पूरा किए बिना ही दस्तावेजों में पूर्ण दर्शाकर शासकीय राशि का भुगतान किए जाने का दावा किया गया है। मामले को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों के अनुसार पंचायत में नाली सफाई के नाम पर करीब 65 हजार रुपये, नाली निर्माण के लिए लगभग 1 लाख 64 हजार रुपये और इंटरलॉकिंग रोड के नाम पर करीब 40 हजार रुपये के भुगतान का दावा किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि इन कार्यों से संबंधित दस्तावेजों में जिस तरह कार्य पूर्ण होना दर्शाया गया है, उसकी वास्तविक स्थिति की मौके पर जांच की जानी चाहिए। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि भुगतान से संबंधित सभी दस्तावेजों और कार्यस्थलों का भौतिक सत्यापन कराया जाए, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

मामले में ग्रामीणों ने पंचायत के बिल-वाउचर को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पंचायत के अधिकांश बिल कथित तौर पर ‘गौरी एग्रो एंड फेंसिंग वायर’ के नाम से सामने आ रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि उक्त निजी व्यवसाय का संबंध पंचायत सचिव से बताया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पंचायत सचिव से संबंधित निजी दुकान के बिल का उपयोग पंचायत के कार्यों में किया गया है तो इसकी भी प्रशासनिक स्तर पर जांच आवश्यक है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

ग्रामीणों ने कहा कि पंचायत में होने वाले विकास कार्यों के लिए जारी शासकीय राशि का उपयोग निर्धारित कार्यों में पारदर्शिता के साथ होना चाहिए। यदि किसी कार्य के नाम पर राशि निकाली गई है तो उसका वास्तविक लाभ ग्रामीणों को जमीन पर दिखाई देना चाहिए। ग्रामीणों ने मांग की है कि नाली सफाई, नाली निर्माण और इंटरलॉकिंग रोड सहित अन्य कार्यों के स्वीकृति आदेश, कार्यादेश, माप पुस्तिका, बिल-वाउचर और भुगतान संबंधी दस्तावेजों की जांच कराई जाए।

ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा कि जांच के दौरान संबंधित कार्यों की वास्तविक स्थिति का भी मौके पर निरीक्षण किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि दस्तावेजों में दर्ज जानकारी और जमीन पर हुए कार्यों के बीच यदि किसी प्रकार का अंतर मिलता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

ग्रामीणों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि उनकी शिकायत पर प्रशासन द्वारा उचित कार्रवाई नहीं की जाती है तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत स्तर पर विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही राशि का सही उपयोग हो सके।

फिलहाल सावेर पंचायत में लगाए गए कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर ग्रामीणों की मांग जांच पर केंद्रित है। मामले में प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और संबंधित कार्यों तथा भुगतानों में कोई अनियमितता हुई है या नहीं। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन मामले को गंभीरता से लेते हुए दस्तावेजों की जांच और मौके के सत्यापन के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई करेगा।