राम मंदिर में कथित घोटाले और चढ़ावा चोरी पर कांग्रेस का हमला, पत्रकारवार्ता में उठाए गंभीर सवाल

राम मंदिर में कथित वित्तीय अनियमितताओं, चढ़ावा चोरी और पारदर्शिता के मुद्दे पर कांग्रेस ने पत्रकारवार्ता कर सरकार और संबंधित प्रबंधन से जवाब मांगा। पार्टी ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए इसे आस्था से जुड़ा गंभीर विषय बताया।

Jul 19, 2026 - 10:44
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राम मंदिर में कथित घोटाले और चढ़ावा चोरी पर कांग्रेस का हमला, पत्रकारवार्ता में उठाए गंभीर सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर में कथित वित्तीय अनियमितताओं, चढ़ावा चोरी और प्रबंधन में पारदर्शिता को लेकर उठे विवाद के बीच छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इस मामले को गंभीर बताते हुए जिला मुख्यालय में पत्रकारवार्ता आयोजित की। पार्टी ने आरोप लगाया कि मंदिर से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है और यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

पत्रकारवार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह मामला केवल आर्थिक अनियमितताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से भी जुड़ा हुआ है। इसलिए इस पूरे प्रकरण में तथ्यों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए और मंदिर में प्राप्त चढ़ावे तथा उसके उपयोग का स्पष्ट हिसाब जनता के सामने रखा जाना चाहिए।

कांग्रेस का कहना है कि धर्म और आस्था के नाम पर किसी भी प्रकार की अपारदर्शिता स्वीकार नहीं की जा सकती। यदि किसी धार्मिक संस्थान में वित्तीय गड़बड़ी या चढ़ावे के दुरुपयोग की शिकायतें सामने आती हैं, तो संबंधित एजेंसियों को निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लानी चाहिए।

पार्टी नेताओं ने कहा कि कांग्रेस हमेशा धार्मिक आस्था का सम्मान करती है, लेकिन किसी भी संस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित होना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि इस तरह के मामलों की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तो लोगों का विश्वास प्रभावित हो सकता है।

पत्रकारवार्ता में यह भी कहा गया कि कांग्रेस इस मुद्दे को जनहित और श्रद्धालुओं के अधिकारों से जुड़ा विषय मानती है। पार्टी का दावा है कि वह इस मामले में तथ्यों को सामने लाने और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय कराने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाती रहेगी।

कांग्रेस ने संबंधित प्रबंधन और सरकार से मांग की कि मंदिर में प्राप्त चढ़ावे, वित्तीय लेन-देन और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पारदर्शी जांच कराई जाए तथा जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। पार्टी का कहना है कि धार्मिक संस्थानों की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

पत्रकारवार्ता में कांग्रेस नेताओं ने दोहराया कि यह लड़ाई किसी धर्म या आस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि कथित अनियमितताओं के खिलाफ है। पार्टी ने कहा कि श्रद्धालुओं के विश्वास की रक्षा और धार्मिक संस्थानों में पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए वह आगे भी इस मुद्दे को मजबूती से उठाती रहेगी।