पीएसवाय राष्ट्रीय उत्कृष्टता सम्मान समारोह में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, राज्यपाल ने डिजिटल एडिक्शन से बचने की दी सीख
रायपुर में आयोजित पीएसवाय राष्ट्रीय उत्कृष्टता सम्मान समारोह में राज्यपाल रमेन डेका ने मेधावी विद्यार्थियों और उत्कृष्ट जिला शिक्षा अधिकारियों को सम्मानित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से मोबाइल और डिजिटल एडिक्शन से दूर रहकर मौलिक सोच विकसित करने का आह्वान किया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l राजधानी रायपुर के विमतारा ऑडिटोरियम में पीएसवाय एजुकेशन एवं रिसर्च फेडरेशन द्वारा आयोजित राष्ट्रीय उत्कृष्टता सम्मान समारोह एवं पदक तथा निधि वितरण-2026 में प्रदेश के विभिन्न जिलों के मेधावी विद्यार्थियों और उत्कृष्ट जिला शिक्षा अधिकारियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यपाल रमेन डेका ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मोबाइल और डिजिटल एडिक्शन से बचने तथा अपनी मौलिक सोच को विकसित करने की सीख दी।
राज्यपाल ने कहा कि बच्चों के बीच आकर उन्हें अपना बचपन याद आ जाता है। उन्होंने बताया कि उनके समय में सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत और लगन के बल पर शिक्षा प्राप्त की जाती थी। आज इंटरनेट और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के दौर में विद्यार्थियों के पास अनेक सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन उन्हें अपनी अध्ययन की आदत और स्वतंत्र सोच को बनाए रखना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की लत से दूर रहने की सलाह देते हुए कहा कि डिजिटल एडिक्शन भी अन्य नशों की तरह नुकसानदायक है। मोबाइल का उपयोग केवल पढ़ाई और आवश्यक कार्यों तक सीमित रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि गूगल और एआई उपयोगी तकनीक हैं, लेकिन वे मानव बुद्धि का स्थान नहीं ले सकते। सोचने, समझने और सही निर्णय लेने की क्षमता ही मनुष्य की सबसे बड़ी ताकत है।
राज्यपाल ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों की प्रतिभा और रुचि को पहचानकर उसी दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि हर विद्यार्थी का लक्ष्य केवल आईआईटी या मेडिकल नहीं होना चाहिए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत विभिन्न क्षेत्रों में अनेक नए अवसर उपलब्ध हैं, जिनका लाभ उठाकर विद्यार्थी अपनी पसंद के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सफलता केवल बड़े पद या उपलब्धि से नहीं मापी जाती, बल्कि संतुष्टि और खुशहाल जीवन ही वास्तविक सफलता है। परिवार, मित्रों और समाज के साथ सौहार्दपूर्ण जीवन जीना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। राज्यपाल ने सम्मानित विद्यार्थियों की उपलब्धि को उनके माता-पिता के त्याग और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम बताते हुए कहा कि किसी भी बच्चे की तुलना दूसरे से नहीं करनी चाहिए, क्योंकि प्रत्येक विद्यार्थी अपनी अलग क्षमता और प्रतिभा रखता है।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि धरमलाल कौशिक ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और प्रत्येक विद्यार्थी के जीवन में स्पष्ट लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही सफलता का सबसे मजबूत आधार है और जितना अधिक ध्यान शिक्षा पर दिया जाएगा, भविष्य उतना ही उज्ज्वल होगा।
विधायक पुरंदर मिश्रा ने विद्यार्थियों को अनुशासन, निरंतर परिश्रम और सीखने की आदत बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम और सकारात्मक सोच से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
कार्यक्रम की शुरुआत पीएसवाय शैक्षणिक एवं अनुसंधान संघ के निदेशक डॉ. एस.के. मिश्रा ने संगठन के उद्देश्यों की जानकारी देकर की। वहीं, मुख्य योजना समन्वयक शुभ्रा शुक्ला मिश्रा ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
समारोह में सीबीएसई के क्षेत्रीय निदेशक जगदीश बर्मन, पीएसवाय के पदाधिकारी, प्रदेशभर के जिला शिक्षा अधिकारी, प्राचार्य, शिक्षक, सम्मानित विद्यार्थी और उनके अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। समारोह का उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना रहा।