स्वाइन फ्लू को लेकर रायगढ़ स्वास्थ्य विभाग सतर्क, जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में 20 बिस्तरों की व्यवस्था
रायगढ़ जिले में स्वाइन फ्लू की संभावित स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिला चिकित्सालय और मेडिकल कॉलेज में 10-10 बिस्तरों की अलग व्यवस्था की गई है। संदिग्ध मरीजों की जांच के लिए वीटीएम और आरटीपीसीआर सुविधा उपलब्ध है, जबकि उपचार के लिए ओसेल्टामिविर सहित आवश्यक दवाएं तैयार रखी गई हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. महेंद्र अग्रवाल, रायगढ़ l जिले में स्वाइन फ्लू की संभावित स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान, जांच और उपचार सुनिश्चित करने के लिए जिले के स्वास्थ्य संस्थानों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जिला चिकित्सालय और मेडिकल कॉलेज में स्वाइन फ्लू के मरीजों के उपचार के लिए अलग-अलग 10-10 बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जरूरत पड़ने पर इन बिस्तरों की संख्या बढ़ाई भी जा सकेगी। सीएमएचओ डॉ. अनिल जगत ने बताया कि संभावित मरीज सामने आने की स्थिति में उपचार के लिए जिले में जरूरी स्वास्थ्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने संदिग्ध मरीजों को अन्य मरीजों से अलग रखकर उपचार देने के लिए भी आवश्यक व्यवस्था की है। मरीज की स्थिति और चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध कराने की तैयारी रखी गई है। विभाग का उद्देश्य संभावित मामलों की पहचान के बाद मरीजों को समय पर चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि स्थिति को प्रभावी तरीके से नियंत्रित किया जा सके।
स्वाइन फ्लू की जांच के लिए भी जिले में आवश्यक तैयारियां की गई हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार संदिग्ध मरीजों के सैंपल संग्रहण के लिए वायरल ट्रांसपोर्ट मीडिया यानी वीटीएम उपलब्ध कराया गया है। इसके साथ ही आरटीपीसीआर जांच की सुविधा भी उपलब्ध है। इससे संदिग्ध मामलों की जांच कर रिपोर्ट के आधार पर मरीज को आवश्यक चिकित्सकीय सलाह और उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
उपचार व्यवस्था के तहत ओसेल्टामिविर सहित अन्य आवश्यक दवाएं भी उपलब्ध रखी गई हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक संदिग्ध मरीज मिलने पर उनकी स्वास्थ्य स्थिति का चिकित्सकीय आकलन किया जाएगा और आवश्यकता के अनुसार जांच तथा उपचार की व्यवस्था की जाएगी। जिला चिकित्सालय और मेडिकल कॉलेज के अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सर्दी, खांसी, बुखार, गले में खराश, शरीर में दर्द, कमजोरी अथवा सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों के साथ स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने वाले मरीजों की चिकित्सकीय जांच की जाएगी। संदिग्ध स्थिति सामने आने पर मरीज को आवश्यकता के अनुसार आगे की जांच और उपचार के लिए भेजा जा सकेगा।
विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि स्वाइन फ्लू से जुड़े लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न बरतें और समय पर चिकित्सकीय सलाह लें। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकने, साबुन-पानी से नियमित रूप से हाथ साफ करने तथा बीमारी के लक्षण होने पर भीड़भाड़ वाले स्थानों से बचने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग जिले में स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है और संभावित मामलों से निपटने के लिए स्वास्थ्य संस्थानों को तैयार रखा गया है।