अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर लक्ष्मी राजवाड़े का संदेश, बच्चों को मिले शिक्षा और सुरक्षित बचपन

अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बाल श्रम को बच्चों के अधिकारों का हनन बताते हुए इसके खिलाफ जागरूकता और सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों के हाथों में औजार नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कार और सपनों की उड़ान होनी चाहिए।

Jun 13, 2026 - 11:40
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अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर लक्ष्मी राजवाड़े का संदेश, बच्चों को मिले शिक्षा और सुरक्षित बचपन

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेस्वर सिंह, रायपुर l अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बच्चों के अधिकारों की रक्षा और बाल श्रम उन्मूलन के प्रति समाज को जागरूक करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक और खुशहाल बचपन मिलना चाहिए तथा यह केवल सरकार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बाल श्रम बच्चों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। इससे बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और समग्र विकास प्रभावित होता है। जो बच्चे श्रम करने के लिए मजबूर होते हैं, वे अपने बचपन के साथ-साथ बेहतर भविष्य के अवसरों से भी वंचित हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के हाथों में किताबें, खेल और रचनात्मक गतिविधियां होनी चाहिए, न कि श्रम का बोझ।

उन्होंने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उनके विकास में निवेश करना राष्ट्र निर्माण की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम है। बाल श्रम किसी भी बच्चे की प्रतिभा, सपनों और संभावनाओं को सीमित कर देता है। इसलिए समाज को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी बच्चा मजदूरी करने के लिए मजबूर न हो और उसे शिक्षा तथा विकास के समान अवसर प्राप्त हों।

मंत्री ने कहा कि बाल श्रम केवल सामाजिक समस्या नहीं है, बल्कि यह कानूनन दंडनीय अपराध भी है। बच्चों से मजदूरी कराना उनके अधिकारों का हनन है और इसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा और संरक्षण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। बाल श्रम, बाल तस्करी और बच्चों के शोषण जैसी कुप्रथाओं के विरुद्ध विभिन्न स्तरों पर अभियान चलाए जा रहे हैं तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

लक्ष्मी राजवाड़े ने नागरिकों से अपील की कि वे बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए सजग और संवेदनशील बनें। यदि कहीं किसी बच्चे से अवैध रूप से काम कराया जा रहा हो, उसे शिक्षा से वंचित रखा जा रहा हो या उसके साथ किसी प्रकार का शोषण और दुर्व्यवहार हो रहा हो, तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित विभागों को दें। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की जानकारी पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला एवं बाल विकास विभाग या स्थानीय प्रशासन को दी जा सकती है।

उन्होंने कहा कि बच्चों को सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराना समाज की साझा जिम्मेदारी है। एक जागरूक और उत्तरदायी समाज ही बच्चों को बेहतर अवसर और सुरक्षित भविष्य प्रदान कर सकता है। उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे बाल श्रम के खिलाफ आवाज उठाएं और बच्चों को शिक्षा एवं संरक्षण का अधिकार दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर दिए गए इस संदेश में बच्चों के अधिकारों की रक्षा, शिक्षा के महत्व और सामाजिक सहभागिता की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया। उद्देश्य यही है कि हर बच्चा सुरक्षित वातावरण में रहकर अपने सपनों को साकार कर सके और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सके।