सिद्धिविनायक मंदिर दान घोटाला: 18 करोड़ की कथित चोरी मामले में 9 गिरफ्तार, 46 कर्मचारी निलंबित

मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक गणपति मंदिर में दान राशि से जुड़े कथित 18 करोड़ रुपये के घोटाले का मामला सामने आया है। ट्रस्ट की शिकायत के बाद मुंबई पुलिस ने 9 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 46 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच जारी है और ट्रस्ट ने सीआईडी जांच की भी मांग की है।

Aug 4, 2026 - 10:42
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सिद्धिविनायक मंदिर दान घोटाला: 18 करोड़ की कथित चोरी मामले में 9 गिरफ्तार, 46 कर्मचारी निलंबित

UNITED NEWS OF ASIA. मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक गणपति मंदिर में दान राशि के कथित गबन का मामला सामने आने के बाद यह मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है। मंदिर ट्रस्ट की शिकायत पर मुंबई पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 9 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 46 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। मामला करीब 18 करोड़ रुपये की दान राशि से जुड़ा बताया जा रहा है और इसकी विस्तृत जांच जारी है।

मामला उस समय सुर्खियों में आया जब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया कि सिद्धिविनायक मंदिर में हर वर्ष करोड़ों रुपये के दान का गबन किया जा रहा है। उनके बयान के बाद ट्रस्ट ने आंतरिक जांच और निगरानी व्यवस्था को और सख्त किया, जिसके बाद कथित अनियमितताओं का खुलासा हुआ।

ट्रस्ट अध्यक्ष सदा सर्वणकर ने प्रेस वार्ता में बताया कि एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की निगरानी और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दान राशि की चोरी में शामिल कर्मचारियों की पहचान की गई। जांच के बाद मुख्य आरोपी राजन पेंडुलकर सहित कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 46 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। गिरफ्तार कर्मचारियों को बाद में अदालत से जमानत भी मिल गई।

ट्रस्ट का कहना है कि दान राशि की गिनती और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाया गया है। इसी कारण पिछले दो वर्षों में मंदिर की वार्षिक आय 114 करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 182 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। ट्रस्ट ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीआईडी जांच की मांग भी की है।

प्रेस वार्ता के दौरान ट्रस्ट अध्यक्ष ने दावा किया कि जांच में सामने आए कुछ कर्मचारियों के राजनीतिक संबंधों की भी जांच की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है और जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।

सिद्धिविनायक मंदिर देश के सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं और बड़ी मात्रा में दान प्राप्त होता है। ऐसे में दान राशि से जुड़ी किसी भी प्रकार की अनियमितता श्रद्धालुओं की आस्था और ट्रस्ट की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती है।

फिलहाल मुंबई पुलिस, एसीबी और संबंधित एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित गबन की वास्तविक राशि कितनी है, इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही और आगे क्या कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, ट्रस्ट ने भरोसा दिलाया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाएगा।