59वें शिक्षण प्रशिक्षण शिविर की मेजबानी करेगा छिंदवाड़ा, जयपुर बैठक में बनी रूपरेखा

जयपुर में आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया कि वर्ष 2027 का 59वां श्री वीतराग विज्ञान आध्यात्मिक शिक्षण प्रशिक्षण शिविर छिंदवाड़ा में आयोजित होगा। बैठक में छिंदवाड़ा के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर शिविर को ऐतिहासिक स्वरूप देने की रूपरेखा तैयार की।

Aug 4, 2026 - 10:54
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59वें शिक्षण प्रशिक्षण शिविर की मेजबानी करेगा छिंदवाड़ा, जयपुर बैठक में बनी रूपरेखा

UNITED NEWS OF ASIA. यज्ञ राज पटेल, छिंदवाड़ा l ज्ञान तीर्थ पंडित टोडरमल स्मारक ट्रस्ट, जयपुर के तत्वावधान में आयोजित होने वाले श्री वीतराग विज्ञान आध्यात्मिक शिक्षण प्रशिक्षण शिविर के 59वें संस्करण की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसी सिलसिले में जयपुर स्थित पंडित टोडरमल स्मारक भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी वर्ष 2027 में होने वाले शिविर की विस्तृत रूपरेखा पर चर्चा की गई। इस बार इस प्रतिष्ठित शिविर के आयोजन का दायित्व मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा को सौंपा गया है।

पिछले 58 वर्षों से देशभर में आयोजित किए जा रहे इस शिक्षण प्रशिक्षण शिविर का मुख्य उद्देश्य सकल जैन समाज के बच्चों, युवाओं और सभी आयु वर्ग के लोगों में जैन दर्शन, आध्यात्मिक मूल्यों और वीतराग विज्ञान के सिद्धांतों का प्रसार करना है। यह शिविर जैन संस्कृति, नैतिक जीवन और आध्यात्मिक शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है।

जयपुर में आयोजित बैठक में छिंदवाड़ा के श्री दिगंबर जैन मुमुक्षु मंडल तथा अखिल भारतीय जैन युवा फेडरेशन के प्रतिनिधियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। बैठक में शिविर के सफल आयोजन, व्यवस्थाओं, प्रतिभागियों की सुविधाओं, आवास, भोजन, प्रशिक्षण सत्रों तथा अन्य आवश्यक तैयारियों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। साथ ही शिविर को ऐतिहासिक और यादगार बनाने के लिए विभिन्न सुझावों पर भी सहमति बनी।

बैठक में सुशील कुमार गोदिका, पंडित विपिन शास्त्री, एस.पी. भारिल्ल, पीयूष शास्त्री और आकाश शास्त्री सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। वहीं छिंदवाड़ा से सुरेंद्र पंकज, प्रमोद पाटनी, प्रकाश अहिंसा, गोविंद जैन, ऋषभ शास्त्री, संजीव सिंघई, दीपक राज जैन और सचिन जैन ने बैठक में भाग लेकर आयोजन की तैयारियों पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए।

प्रतिनिधियों ने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2027 में छिंदवाड़ा में आयोजित होने वाला 59वां श्री वीतराग विज्ञान आध्यात्मिक शिक्षण प्रशिक्षण शिविर देशभर से आने वाले प्रतिभागियों के लिए एक प्रेरणादायी और ऐतिहासिक आयोजन सिद्ध होगा। शिविर के माध्यम से जैन दर्शन के सिद्धांतों का व्यापक प्रचार-प्रसार होगा तथा नई पीढ़ी को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का अवसर मिलेगा।

बैठक के दौरान यह भी तय किया गया कि आयोजन की तैयारियां चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाई जाएंगी। स्थानीय समितियों का गठन, स्वयंसेवकों की जिम्मेदारियां, व्यवस्थाओं का समन्वय और कार्यक्रम की रूपरेखा समय रहते अंतिम रूप दी जाएगी, ताकि देशभर से आने वाले प्रतिभागियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। आयोजन समिति ने सभी समाजजनों से इस महत्त्वपूर्ण आध्यात्मिक आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया।