ट्रक चोरी मामले में नए सवाल, बैटरी खरीदने वाले तक कब पहुंचेगी जांच?

महासमुंद के पिथौरा में ट्रक चोरी मामले की जांच को लेकर नए सवाल उठ रहे हैं। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि मुख्य संदिग्ध को पहले थाने लाने के बावजूद छोड़ दिया गया और चोरी के सामान की बरामदगी को लेकर भी कई सवाल बने हुए हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

Jun 26, 2026 - 11:00
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ट्रक चोरी मामले में नए सवाल, बैटरी खरीदने वाले तक कब पहुंचेगी जांच?

UNITED NEWS OF ASIA. शिखा दास, महासमुंद l महासमुंद जिले के पिथौरा में ट्रक से चोरी के मामले में नए सवाल सामने आ रहे हैं। मामले में पीड़ित पक्ष ने जांच प्रक्रिया को लेकर कई आरोप लगाए हैं और मांग की है कि चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त से जुड़े सभी लोगों की भी निष्पक्ष जांच की जाए। विशेष रूप से चोरी की बैटरी खरीदने वाले व्यक्ति तक पुलिस की कार्रवाई पहुंचने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

पीड़ित ट्रांसपोर्टर इन्द्रजीत सिंह और उनके सहयोगियों का दावा है कि 23 जून को उन्होंने एक संदिग्ध व्यक्ति देवेन्द्र यादव को स्वयं पिथौरा थाना लाकर पुलिस के हवाले किया था। उनका आरोप है कि पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया और उस समय थाना परिसर में मौजूद कथित चोरी का अन्य सामान भी उन्हें नहीं सौंपा गया।

पीड़ित पक्ष का यह भी कहना है कि बाद में जब मामले में एफआईआर दर्ज हुई और पुलिस ने कार्रवाई शुरू की, तब चोरी के सामान की बरामदगी का सिलसिला शुरू हुआ। उनका कहना है कि यदि शुरुआती स्तर पर प्रभावी कार्रवाई की जाती तो मामले का खुलासा पहले ही हो सकता था।

ट्रांसपोर्टर पक्ष ने यह भी मांग उठाई है कि केवल चोरी करने वाले लोगों पर ही नहीं, बल्कि चोरी का सामान खरीदने वालों के खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका कहना है कि यदि चोरी के माल की खरीद करने वालों पर सख्ती नहीं होगी तो ऐसे अपराधों पर प्रभावी रोक लगाना मुश्किल होगा।

मामले को लेकर थाना परिसर में भी पीड़ित पक्ष और पुलिस के बीच चर्चा हुई। पीड़ितों ने अपने साथ हुई पूरी घटना और शिकायतों का विवरण पुलिस अधिकारियों के समक्ष रखा। वहीं पुलिस की ओर से मामले की जांच जारी होने की बात कही गई है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विवेचना कर रही है। चोरी के सामान की बरामदगी, आरोपियों की भूमिका तथा चोरी के माल की खरीद-फरोख्त से जुड़े संभावित लोगों के संबंध में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में और किन लोगों की संलिप्तता है।

इस प्रकरण ने स्थानीय स्तर पर पुलिस कार्रवाई और जांच प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी शेष है। मामले की जांच के निष्कर्ष और न्यायालयीन प्रक्रिया के बाद ही सभी तथ्यों की अंतिम पुष्टि हो सकेगी।

नोट: इस समाचार में वर्णित आरोप पीड़ित पक्ष के दावों पर आधारित हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की जांच जारी है और किसी भी व्यक्ति को न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध होने तक दोषी नहीं माना जा सकता।