तिरंगा यात्रा को लेकर दीपक बैज का भाजपा पर हमला, कहा- अपने कर्मों का पाप धोने निकाल रहे तिरंगा यात्रा

PCC चीफ दीपक बैज ने भाजपा की तिरंगा यात्रा को लेकर निशाना साधते हुए उसके इतिहास पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और RSS ने कभी तिरंगे को स्वीकार नहीं किया और अब तिरंगा यात्रा निकालकर देशभक्ति का पाठ पढ़ा रहे हैं। बैज ने आदिवासी दिवस पर भाजपा नेताओं की ओर से बधाई संदेश नहीं आने को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने झीरम घाटी नक्सली हमला मामले की अंतिम सुनवाई को लेकर शहीद परिवारों के न्याय और घटना की सच्चाई सामने आने की मांग की।

Aug 10, 2026 - 16:37
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तिरंगा यात्रा को लेकर दीपक बैज का भाजपा पर हमला, कहा- अपने कर्मों का पाप धोने निकाल रहे तिरंगा यात्रा

UNITED NEWS OF ASIA. रायपुर। भाजपा की तिरंगा यात्रा को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा की तिरंगा यात्रा पर निशाना साधते हुए उसके इतिहास और तिरंगे को लेकर पुराने रुख पर सवाल उठाए हैं। बैज ने आरोप लगाया कि जो लोग कभी तिरंगे को स्वीकार नहीं करते थे, वे आज तिरंगा यात्रा निकालकर देशभक्ति का संदेश दे रहे हैं।

दीपक बैज ने कहा कि भाजपा और RSS ने तिरंगे को कभी स्वीकार नहीं किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि आजादी के बाद लंबे समय तक तिरंगा नहीं फहराने वाले और अंग्रेजों के साथ रहने वाले लोग आज देश के लोगों को देशभक्ति का पाठ पढ़ा रहे हैं। बैज ने कहा कि भाजपा नेताओं को अपने इतिहास को याद करना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपाई अपने कर्मों का पाप धोने के लिए तिरंगा यात्रा निकाल रहे हैं।

बैज ने कहा कि देशभक्ति और राष्ट्रध्वज का सम्मान सभी भारतीयों की भावना से जुड़ा विषय है। उन्होंने भाजपा की ओर से निकाली जा रही तिरंगा यात्रा को लेकर कांग्रेस की ओर से राजनीतिक सवाल खड़े किए और भाजपा के पुराने रुख का उल्लेख करते हुए उसे कटघरे में खड़ा किया।

आदिवासी दिवस पर सरकार को घेरा

दीपक बैज ने आदिवासी दिवस के मौके पर भाजपा नेताओं की ओर से बधाई संदेश नहीं आने को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आदिवासी दिवस के कार्यक्रमों में सभी वर्गों के लोगों ने शामिल होकर एकता के साथ आयोजन किया, लेकिन छत्तीसगढ़ के भाजपा के आदिवासी नेताओं, चुने हुए मंत्रियों, देश की राष्ट्रपति और प्रदेश के आदिवासी मुख्यमंत्री की ओर से बधाई संदेश नहीं आया।

बैज ने कहा कि वर्ष 2023 से पहले सत्ता में आने से पहले यही नेता आदिवासी दिवस पर बधाई संदेश देते थे, लेकिन अब सरकार में आने के बाद ऐसा नहीं हो रहा है। उन्होंने सरकार और भाजपा के आदिवासी नेताओं से सवाल किया कि क्या सरकार आदिवासी एकता और अखंडता को कमजोर करना चाहती है।

उन्होंने बृजमोहन अग्रवाल का उदाहरण देते हुए कहा कि वे आदिवासी नहीं हैं, इसके बावजूद उन्होंने आदिवासी दिवस पर बधाई दी। बैज ने इसे भाईचारे और सामाजिक एकता का उदाहरण बताया।

झीरम घाटी मामले को लेकर उठाए सवाल

दीपक बैज ने झीरम घाटी नक्सली हमला मामले की NIA कोर्ट में चल रही अंतिम सुनवाई को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि झीरम घाटी की घटना में शहीद हुए लोगों के परिवार आज भी न्याय और सच्चाई का इंतजार कर रहे हैं।

बैज ने सवाल उठाया कि अंतिम सुनवाई के बाद क्या इस घटना की पूरी सच्चाई सामने आ पाएगी। उन्होंने सरकार से यह भी सवाल किया कि क्या मामले में सरेंडर करने वाले नक्सलियों से पूछताछ की गई और क्या तत्कालीन सरकार से जुड़े लोगों के नाम सामने आएंगे।

उन्होंने कहा कि झीरम घाटी हमले में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को न्याय मिलना चाहिए और घटना के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आना जरूरी है। बैज ने सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच और शहीद परिवारों को न्याय दिलाने की दिशा में स्पष्ट कार्रवाई की मांग की।