सर्वोदय अहिंसा के प्रदेश संयोजक जिनशासन सेवक दीपक राज जैन ने बताया कि पर्वराज के नौवें दिवस भादों सुदी तेरस के शुभ अवसर पर नगर के विभिन्न दिगंबर जिनालयों और चैत्यालयों में बड़ी संख्या में श्रावकगण पहुंचे। श्रद्धालुओं ने धर्म के नौवें लक्षण उत्तम आकिंचन्य धर्म की मंगल आराधना करते हुए भक्ति भाव से पूजन विधान में हिस्सा लिया।
उत्तम आकिंचन्य धर्म की आराधना के अवसर पर नगर के विभिन्न धार्मिक स्थलों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। संत निवास में 105 गुनमति माता जी, वीतराग भवन में इंदौर से पधारे डॉक्टर प्रवीण शास्त्री, स्वाध्याय भवन में जयपुर से आए ध्रुव शास्त्री तथा दयासागर भवन में पं. सुनील श्रवण के माध्यम से धार्मिक विषयों पर श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन मिला।
तारण भवन में मंदिर विधि का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सिलवानी से पधारे पंडित अनुभव शास्त्री सहित पाठशाला के बच्चों के श्रीमुख से उत्तम आकिंचन्य धर्म के माध्यम से दिगंबर मुनिराजों का गुणगान किया गया। साथ ही श्रद्धालुओं ने मां जिनवाणी की महिमा को जाना और धार्मिक भावों के साथ आराधना में सहभागिता की।
पर्यूषण पर्व के दौरान नगर के जिनालयों और चैत्यालयों में लगातार धार्मिक गतिविधियां आयोजित हो रही हैं। समाज के श्रावक-श्राविकाएं पूजन, स्वाध्याय और धर्म आराधना में शामिल होकर आत्मशुद्धि का प्रयास कर रहे हैं। पर्व के चलते छिंदवाड़ा में धर्ममय वातावरण बना हुआ है।
दशलक्षण महापर्व के नौवें दिन उत्तम आकिंचन्य धर्म की आराधना के बाद अब भादों सुदी चतुर्दशी के शुभ अवसर पर सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा धर्म के दसवें लक्षण उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की मंगल आराधना की जाएगी। इसके लिए समाज के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर आयोजन होंगे।
पर्यूषण महापर्व के माध्यम से सकल दिगंबर जैन समाज में धार्मिक आस्था, आत्मशुद्धि और जिनवाणी के प्रति श्रद्धा का वातावरण बना हुआ है। श्रद्धालु विभिन्न आयोजनों में शामिल होकर दशलक्षण धर्म के सिद्धांतों को आत्मसात करने का प्रयास कर रहे हैं।