गोवा में योग्य पाए गए 97 मतदाताओं के नाम फाइनल SIR सूची से बाहर, ECINet सिस्टम पर उठे सवाल

गोवा में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ के आधार पर चिन्हित 97 मतदाताओं के मामलों की स्थानीय चुनाव अधिकारियों ने जांच की और उन्हें अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने योग्य पाया। इसके बावजूद 21 फरवरी को जारी अंतिम सूची में इन 97 मतदाताओं के नाम शामिल नहीं हुए। रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय अधिकारियों ने ECINet में रोलबैक सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कई बार अनुरोध किया था।

Sep 24, 2026 - 16:44
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गोवा में योग्य पाए गए 97 मतदाताओं के नाम फाइनल SIR सूची से बाहर, ECINet सिस्टम पर उठे सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. गोवा में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान 97 मतदाताओं के नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाने का मामला सामने आया है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इन मतदाताओं को पहले ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ के आधार पर चिन्हित किया गया था। इसके बाद संबंधित मतदाताओं ने आवश्यक दस्तावेज और आपत्तियां प्रस्तुत कीं। स्थानीय चुनाव अधिकारियों ने मामलों की सुनवाई और जांच के बाद इन मतदाताओं को अंतिम सूची में शामिल किए जाने योग्य माना था।

रिपोर्ट के मुताबिक, गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने इन मामलों में पहले लिए गए निर्णय को बदलने और 97 मतदाताओं के नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए चुनाव आयोग से आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया था। 17 फरवरी को भेजी गई सूची में बताया गया कि संबंधित मतदाताओं के दस्तावेज और आपत्तियों पर विचार के बाद उन्हें अंतिम निर्वाचन सूची में शामिल किया जाना चाहिए।

मामले में ECINet सॉफ्टवेयर की भूमिका भी चर्चा में आई है। रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय ERO और AERO के पास पहले लिए गए फैसले को सॉफ्टवेयर के माध्यम से वापस लेने यानी रोलबैक करने की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से 13 से 18 फरवरी के बीच कई ईमेल भेजकर रोलबैक और दस्तावेज दोबारा अपलोड करने की सुविधा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया।

18 फरवरी को चुनाव आयोग के डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर संजय कुमार ने आईटी विभाग की अधिकारी सीमा खन्ना को पत्र लिखकर कहा कि ERO और AERO के पास सुधारात्मक कार्रवाई करने की शक्ति है और आईटी सिस्टम आवश्यक कार्रवाई में बाधा नहीं बनना चाहिए। इसके बावजूद 21 फरवरी को गोवा की अंतिम SIR मतदाता सूची प्रकाशित हुई और इन 97 मतदाताओं के नाम उसमें शामिल नहीं थे।

इन 97 मतदाताओं में 65 तालेगांव विधानसभा क्षेत्र से संबंधित बताए गए हैं। बाकी मतदाता सेंट क्रूज, कुम्बारजुआ, प्रियोल, मडगांव, बेनाउलिम और वेलिम विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े हैं। द इंडियन एक्सप्रेस ने अंतिम सूची में इन 97 नामों की जांच की और रिपोर्ट में कहा कि 20 सितंबर तक इनमें से किसी का नाम अंतिम सूची में वापस नहीं आया था।

इस मामले का प्रभाव केवल मतदान तक सीमित नहीं बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, गोवा की कुछ सरकारी योजनाओं में मतदाता सूची का इस्तेमाल पात्रता तय करने के लिए किया जाता है। इनमें गोवा मेडिक्लेम योजना भी शामिल है, जिसके तहत डायलिसिस, एंजियोप्लास्टी, ट्रांसप्लांट और कीमोथेरेपी जैसी चिकित्सा सुविधाओं के लिए सहायता दी जाती है। नाम अंतिम सूची में नहीं आने के बाद कुछ प्रभावित मतदाताओं को नए मतदाता के रूप में Form 6 के माध्यम से दोबारा आवेदन करने की सलाह दी गई।

गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजय गोयल ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ के कारण चिन्हित मतदाताओं के मामलों को जांच के बाद शामिल करने के लिए चुनाव आयोग के समक्ष रखा गया था। उन्होंने यह भी कहा कि ECINet में ERO स्तर पर मतदाताओं को दोबारा शामिल करने की व्यवस्था होनी चाहिए।

गोवा की आधिकारिक वेबसाइट पर 2026 SIR की अंतिम मतदाता सूची 21 फरवरी 2026 को प्रकाशित होने की जानकारी दर्ज है। इस पूरे मामले ने स्थानीय चुनाव अधिकारियों द्वारा लिए गए फैसलों को केंद्रीकृत डिजिटल प्रणाली में दर्ज करने की प्रक्रिया और तकनीकी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं।