चक्रवात ‘मुरासु’ का खतरा: आंध्र प्रदेश तट से टकराने की आशंका, ओडिशा में हाईअलर्ट; छत्तीसगढ़-MP समेत 8 राज्यों में भारी बारिश का अनुमान

दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। उपलब्ध मौसम पूर्वानुमान के अनुसार तूफान के 2 नवंबर की रात से 3 नवंबर की सुबह के बीच आंध्र प्रदेश के ओंगोल के आसपास तट पार करने की आशंका है। इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि झोंकों में गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना, केरल, कर्नाटक और महाराष्ट्र में भी बारिश और आंधी का असर देखने को मिल सकता है।

Nov 2, 2026 - 11:55
Nov 2, 2026 - 11:57
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चक्रवात ‘मुरासु’ का खतरा: आंध्र प्रदेश तट से टकराने की आशंका, ओडिशा में हाईअलर्ट; छत्तीसगढ़-MP समेत 8 राज्यों में भारी बारिश का अनुमान

UNITED NEWS OF ASIA. बंगाल की खाड़ी में एक बार फिर चक्रवाती तूफान ने दस्तक देकर कई राज्यों की चिंता बढ़ा दी है। दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विभाग यानी IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक तूफान के 2 नवंबर की रात से 3 नवंबर की सुबह के बीच आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका है। इसके प्रभाव से आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश समेत देश के आठ राज्यों में भी मौसम का मिजाज बिगड़ने का अनुमान है।

मौसम विभाग के मुताबिक चक्रवात मुरासु लगभग 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। तूफान फिलहाल चेन्नई से लगभग 260 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है। इसके उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 2 नवंबर 2026 की रात लगभग 11 बजकर 30 मिनट से 3 नवंबर की सुबह 4 बजे के बीच आंध्र प्रदेश के ओंगोल के आसपास पहुंचने की संभावना जताई गई है। इसके बाद नेल्लोर और नरसापुर के बीच दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तट को पार करने का अनुमान है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि तेज झोंकों के साथ हवा की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की आशंका है।

चक्रवात के खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से सतर्कता बरतने की जरूरत बताई गई है। समुद्र में तेज लहरें उठने और तेज हवाएं चलने की आशंका के बीच मछुआरों तथा तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। ओडिशा में भी 2 और 3 नवंबर को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। चक्रवात के प्रभाव से कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है।

तमिलनाडु में भी चक्रवात मुरासु का असर दिखाई देने लगा है। तूफान की आशंका को देखते हुए चेन्नई के सभी स्कूलों में सोमवार के लिए छुट्टी घोषित की गई है। मौसम विभाग के अनुसार आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों और रायलसीमा में 2 और 3 नवंबर को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की भी आशंका जताई गई है। उत्तरी तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में मध्यम बारिश होने का अनुमान है।

इस चक्रवात का प्रभाव केवल तटीय राज्यों तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, तेलंगाना, कर्नाटक और महाराष्ट्र सहित आठ राज्यों में बारिश का असर देखने को मिल सकता है। वहीं मध्य प्रदेश में 5 नवंबर तक आंधी और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है। छत्तीसगढ़ में भी चक्रवात के प्रभाव से मौसम में बदलाव और कुछ इलाकों में बारिश होने का अनुमान है।

गौरतलब है कि बंगाल की खाड़ी में एक सप्ताह के भीतर यह दूसरा चक्रवाती तूफान बताया जा रहा है। इससे पहले चक्रवात ‘अर्नब’ 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकराया था। उसके प्रभाव से आंध्र प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में बारिश हुई थी। अब चक्रवात मुरासु ने एक बार फिर मौसम को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में संबंधित राज्यों के लोगों को मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों पर नजर रखने, खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है।