उपराष्ट्रपति के मीनाक्षी मंदिर दौरे के दौरान दो मिनट गुल रही बिजली, लापरवाही के आरोप में जूनियर इंजीनियर सस्पेंड
तमिलनाडु के मदुरै स्थित प्रसिद्ध मीनाक्षी अम्मन मंदिर में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन के दौरे के दौरान करीब दो मिनट तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। घटना के बाद मंदिर प्रशासन ने लापरवाही के आरोप में जूनियर इलेक्ट्रिकल इंजीनियर एस. जानकीरमन को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया। उन्हें 15 दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है। वहीं, बिजली मंत्री आर. निर्मल कुमार ने इसे ग्रिड फेलियर के बजाय स्थानीय सबस्टेशन में आई तकनीकी खराबी बताया है।
UNITED NEWS OF ASIA. तमिलनाडु के मदुरै स्थित प्रसिद्ध मीनाक्षी अम्मन मंदिर में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन के दौरे के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने का मामला सामने आया है। करीब दो मिनट तक मंदिर परिसर में बिजली गुल रहने के बाद मंदिर प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए जूनियर इलेक्ट्रिकल इंजीनियर एस. जानकीरमन को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। यह घटना 30 अक्टूबर को उस समय हुई, जब उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर के साथ मदुरै के प्रसिद्ध मीनाक्षी अम्मन मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे। मंदिर में दर्शन के बाद उपराष्ट्रपति ईस्ट चिथिराई स्ट्रीट पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
इसी दौरान अचानक बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और करीब दो मिनट तक परिसर में अंधेरा छा गया। घटना के बाद मंदिर प्रशासन ने जिम्मेदारी तय करते हुए संबंधित जूनियर इलेक्ट्रिकल इंजीनियर के खिलाफ कार्रवाई की। प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, एस. जानकीरमन को 31 अक्टूबर से अस्थायी रूप से निलंबित किया गया है।
यह कार्रवाई हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती अधिनियम, 1959 की धारा 56(1) के तहत की गई है। आदेश पर मंदिर के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की अध्यक्ष आर. रुक्मणी ने हस्ताक्षर किए हैं। निलंबित इंजीनियर को आरोपों के संबंध में 15 दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
आदेश में कहा गया है कि निर्धारित समय सीमा में जवाब नहीं मिलने पर उपलब्ध दस्तावेजों और रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा संबंधित आदेश को चुनौती देने के लिए इंजीनियर को सक्षम अधिकारियों के समक्ष अपील करने हेतु 30 दिनों का समय दिया गया है। इस बिजली कटौती को लेकर उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा था मानो देवी स्वयं देश को तमिलनाडु में बिजली कटौती की स्थिति दिखा रही हों। घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई।
पक्षी दल AIADMK ने मंदिर प्रशासन और राज्य सरकार की व्यवस्था पर सवाल उठाए। पार्टी ने दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के. पलानीस्वामी के मंदिर दौरे के दौरान भी एक दिन पहले बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी। हालांकि, इन घटनाओं को लेकर अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
दूसरी ओर, तमिलनाडु के बिजली मंत्री आर. निर्मल कुमार ने बिजली कटौती की वजह स्पष्ट करते हुए कहा कि यह ग्रिड फेलियर का मामला नहीं था। उनके मुताबिक, स्थानीय सबस्टेशन में तकनीकी खराबी आने के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई थी। मंत्री ने बताया कि उपराष्ट्रपति के वीआईपी दौरे को देखते हुए मंदिर की बिजली आपूर्ति को एहतियातन जनरेटर पर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया के दौरान यह समस्या सामने आई। इस घटना ने महत्वपूर्ण और वीआईपी कार्यक्रमों के दौरान बिजली व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल मंदिर प्रशासन की ओर से संबंधित इंजीनियर के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है और आगे की प्रक्रिया उनके लिखित स्पष्टीकरण तथा विभागीय जांच के आधार पर तय होगी।