ED का अमृत ग्रुप पर बड़ा एक्शन, कोलकाता और इंदौर के 17 ठिकानों पर छापेमारी; निवेशकों से धोखाधड़ी के आरोप
प्रवर्तन निदेशालय ने कथित निवेश धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत अमृत ग्रुप ऑफ कंपनीज से जुड़े कोलकाता और इंदौर के करीब 17 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। ईडी के अनुसार समूह की कंपनियों और निदेशकों पर अलग-अलग डिपॉजिट स्कीम के जरिए अधिक रिटर्न का वादा कर लोगों से रकम जुटाने और बाद में रकम नहीं लौटाने के आरोप हैं। एजेंसी तलाशी के दौरान दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही है। कंपनी और प्रमोटरों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी।
UNITED NEWS OF ASIA. प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने कथित निवेश धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत अमृत ग्रुप ऑफ कंपनीज से जुड़े कोलकाता और इंदौर के करीब 17 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया है। ईडी की कोलकाता जोनल टीम ने Prevention of Money Laundering Act यानी PMLA की धारा 17 के तहत यह कार्रवाई की। अधिकारियों के मुताबिक तलाशी की कार्रवाई में अमृत ग्रुप से जुड़े निदेशकों और प्रमोटरों के आवासीय तथा कार्यालय परिसरों को शामिल किया गया है।
ईडी के अनुसार अमृत ग्रुप की कंपनियों और उनके निदेशकों पर अलग-अलग डिपॉजिट स्कीम के नाम पर आम लोगों से रकम जुटाने का आरोप है। जांच एजेंसी का कहना है कि निवेशकों को उनकी जमा राशि पर आकर्षक और अधिक रिटर्न देने का भरोसा दिलाया गया था, लेकिन कथित तौर पर बाद में वादा किया गया रिटर्न नहीं दिया गया और लोगों की रकम भी वापस नहीं की गई। इसी तरह की शिकायतों और कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले की जांच के दौरान ईडी ने यह कार्रवाई की है।
तलाशी अभियान के दौरान जांच एजेंसी की टीमें कंपनी से जुड़े दस्तावेजों, वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड और अन्य सामग्री की जांच कर रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक जांच का एक प्रमुख उद्देश्य यह पता लगाना है कि कथित तौर पर निवेशकों से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल किस तरह किया गया और उसका वित्तीय प्रवाह किन संस्थाओं या व्यक्तियों तक पहुंचा। एजेंसी संभावित अपराध से अर्जित संपत्तियों और उनसे जुड़े वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है।
कोलकाता में करीब छह स्थानों पर तलाशी की जानकारी सामने आई है। इनमें नारकेलडांगा, नेताजी नगर और रवींद्र सरोबर थाना क्षेत्रों से जुड़े परिसर शामिल बताए गए हैं। वहीं मध्य प्रदेश के इंदौर में भी अमृत ग्रुप से जुड़े कई परिसरों पर कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार दोनों शहरों में कुल करीब 17 आवासीय और व्यावसायिक परिसरों को तलाशी अभियान में शामिल किया गया है। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों और स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय भी किया गया।
जांच के दायरे में अमृत ग्रुप से जुड़े कुछ प्रमोटर और निदेशक भी हैं। उपलब्ध रिपोर्टों में केसी दुजारी और काली किशोर बागची समेत अन्य संबंधित लोगों के परिसरों पर कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी गई है। हालांकि, ईडी की जांच अभी जारी है और तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों या अन्य सामग्री के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
इस मामले में यह भी महत्वपूर्ण है कि ईडी की तलाशी और जांच में सामने आए आरोपों को अभी अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। जांच एजेंसी फिलहाल कथित निवेश धोखाधड़ी, रकम के लेनदेन और उसके संभावित मनी लॉन्ड्रिंग कनेक्शन की पड़ताल कर रही है। अमृत ग्रुप या उसके प्रमोटरों की ओर से कार्रवाई पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं होने की जानकारी रिपोर्टों में दी गई है।
फिलहाल कोलकाता और इंदौर में ईडी की तलाशी जारी है। जांच एजेंसी कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड और संबंधित व्यक्तियों के दस्तावेजों के आधार पर कथित रकम के स्रोत और उसके इस्तेमाल का पता लगाने की कोशिश कर रही है। तलाशी के बाद सामने आने वाले दस्तावेजों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।