कांग्रेस की ओर से मुख्य रूप से राज्य सेवा परीक्षा 2025 में साक्षात्कार के लिए अभ्यर्थियों के चयन की संख्या को लेकर सवाल उठाया गया है। राज्य सेवा परीक्षा 2025 के तहत छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने विभिन्न 20 सेवाओं के लिए कुल 265 पद विज्ञापित किए थे। मुख्य परीक्षा के परिणाम के बाद कुल 608 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए चिन्हांकित किया गया है। मुख्य परीक्षा का आयोजन 6 से 9 जून 2026 के बीच हुआ था।
आशीष छाबड़ा ने कहा कि नियमानुसार विज्ञापित पदों की संख्या के तीन गुना अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाना चाहिए। 265 पदों के हिसाब से यह संख्या 795 बनती है, जबकि आयोग ने 608 अभ्यर्थियों को ही साक्षात्कार के लिए चिन्हांकित किया है। कांग्रेस का सवाल है कि बाकी 187 अभ्यर्थियों को किस आधार पर साक्षात्कार की प्रक्रिया से बाहर किया गया और इस संबंध में आयोग को स्थिति पूरी तरह स्पष्ट करनी चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने पीएससी की पारदर्शिता और मूल्यांकन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं।
हालांकि, इस मामले में CGPSC की ओर से अलग स्पष्टीकरण जारी किया जा चुका है। आयोग ने कहा है कि 795 की निर्धारित संख्या की तुलना में 608 अभ्यर्थियों का चिन्हांकन किसी त्रुटि के कारण नहीं हुआ है। आयोग के अनुसार राज्य सेवा परीक्षा 2025 के नियमों के तहत प्रत्येक प्रश्नपत्र में अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 33 प्रतिशत और आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 23 प्रतिशत अंक हासिल करना अनिवार्य है। आयोग के मुताबिक निर्धारित न्यूनतम अर्हकारी अंक हासिल नहीं करने वाले अभ्यर्थियों की वजह से साक्षात्कार के लिए चिन्हांकित उम्मीदवारों की संख्या 795 से कम रही।
कांग्रेस की ओर से यह भी मांग उठाई जा रही है कि जिन अभ्यर्थियों का साक्षात्कार के लिए चयन नहीं हुआ, उन्हें उनकी उत्तर पुस्तिकाओं से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जाए और मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट की जाए। कांग्रेस ने मूल्यांकनकर्ताओं के मानदंड और मॉडल उत्तर जारी करने तथा उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन की मांग भी उठाई है। वहीं आयोग के उपलब्ध स्पष्टीकरण के अनुसार परीक्षा परिणाम के बाद पुनर्मूल्यांकन और पुनर्गणना का प्रावधान नहीं है।
इस पूरे मामले के बीच राज्य सेवा परीक्षा 2025 के साक्षात्कार की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 608 चिन्हांकित अभ्यर्थियों के साक्षात्कार 21 सितंबर 2026 से शुरू होने की संभावना है। साक्षात्कार से पहले अभ्यर्थियों के मूल दस्तावेजों के सत्यापन और पदों की प्राथमिकता दर्ज करने की प्रक्रिया से संबंधित जानकारी आयोग की ओर से जारी की जानी है।
फिलहाल 265 पदों के मुकाबले 608 अभ्यर्थियों के साक्षात्कार के लिए चयन को लेकर कांग्रेस और आयोग के पक्ष अलग-अलग हैं। कांग्रेस इस संख्या और मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रही है, जबकि आयोग ने 608 अभ्यर्थियों के चिन्हांकन को निर्धारित न्यूनतम अर्हकारी अंकों से जुड़ी प्रक्रिया बताया है। आगे की प्रक्रिया में अभ्यर्थियों की आपत्तियों और आयोग के स्पष्टीकरण के बीच यह मुद्दा चर्चा में बना हुआ है।