पीएम मोदी के स्कूलमेट असगर अली वोहरा को जमीन विवाद में राहत, नरेंद्र मेहता की कंपनी ने कब्जा छोड़ने की बात कही

महाराष्ट्र के मीरा रोड निवासी असगर अली वोहरा ने जमीन विवाद को लेकर 8 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर मदद और CBI जांच की मांग की थी। विवाद भायंदर ईस्ट की 2,810 वर्ग मीटर जमीन से जुड़ा है। वोहरा के आरोपों के बाद अब नरेंद्र मेहता से जुड़ी सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शन्स ने जमीन से कब्जा छोड़ने और निर्माण अनुमति सरेंडर करने की बात कही है। मेहता ने वोहरा के खिलाफ पुरानी पुलिस शिकायत वापस लेने की भी बात कही है।

Sep 16, 2026 - 11:26
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पीएम मोदी के स्कूलमेट असगर अली वोहरा को जमीन विवाद में राहत, नरेंद्र मेहता की कंपनी ने कब्जा छोड़ने की बात कही

UNITED NEWS OF ASIA. महाराष्ट्र के मीरा रोड निवासी 81 वर्षीय असगर अली वोहरा के लंबे समय से चल रहे जमीन विवाद में अब नया मोड़ सामने आया है। वोहरा ने 8 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर अपनी जमीन से जुड़े विवाद में हस्तक्षेप और CBI जांच की मांग की थी। दोनों गुजरात के वडनगर स्थित बीएन स्कूल में साथ पढ़े थे। मुलाकात के बाद मामले ने एक बार फिर ध्यान खींचा और स्थानीय प्रशासन की ओर से भी इस विवाद को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ी।

विवाद भायंदर ईस्ट के नवघर इलाके में स्थित करीब 2,810 वर्ग मीटर जमीन से जुड़ा है। असगर अली वोहरा के मुताबिक, उन्होंने वर्ष 1989 में इस जमीन को एक रजिस्टर्ड एग्रीमेंट के जरिए खरीदा था। उनका दावा है कि उन्होंने जमीन को न तो बेचा और न ही किसी अन्य व्यक्ति या संस्था के नाम ट्रांसफर किया। वोहरा ने आरोप लगाया कि वर्ष 2011 के आसपास जमीन पर उनकी जानकारी के बिना कब्जा किया गया और इससे जुड़े दस्तावेजों में कथित तौर पर हेरफेर की गई। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है और मामला कानूनी प्रक्रिया से जुड़ा है।

वोहरा की शिकायत में ‘स्वयं बिल्डर्स’ और बीजेपी विधायक नरेंद्र मेहता से जुड़ी बताई गई ‘सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शन्स’ का नाम सामने आया है। वोहरा का आरोप है कि जमीन को दो हिस्सों में दिखाकर अलग-अलग निर्माण संस्थाओं से जोड़ा गया। उन्होंने लंबे समय तक राजस्व विभाग, पुलिस और स्थानीय प्रशासन के स्तर पर शिकायतें करने की बात कही। इसी मामले में 2015 में पुलिस शिकायत/FIR दर्ज होने का भी उल्लेख विभिन्न रिपोर्टों में किया गया है।

प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद अब सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शन्स की ओर से जमीन से कब्जा छोड़ने और प्लॉट से संबंधित निर्माण अनुमति सरेंडर करने की बात सामने आई है। इसके साथ ही नरेंद्र मेहता ने वोहरा और उनके सहयोगी अजय ढोका के खिलाफ पहले की गई पुलिस शिकायत वापस लेने की बात भी कही है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह शिकायत वर्ष 2015 में कथित आपराधिक अतिक्रमण और धमकी से संबंधित थी। मेहता की ओर से दोनों पक्षों के बीच समझौते की बात कही गई है।

इस मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी बैठक हुई। रिपोर्टों के अनुसार, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रधान सचिव श्रीकर परदेशी की अध्यक्षता में मंत्रालय में बैठक हुई, जिसमें असगर अली वोहरा, नरेंद्र मेहता, मीरा-भायंदर नगर निगम की आयुक्त राधा विनोद शर्मा और टाउन प्लानर पुरुषोत्तम शिंदे सहित संबंधित पक्षों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इससे पहले स्थानीय स्तर पर मामले की सुनवाई भी निर्धारित की गई थी, जिसमें संबंधित पक्षों को दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे।

असगर अली वोहरा ने प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग रखी थी। उनका कहना है कि वे लंबे समय से अपनी जमीन के अधिकार के लिए प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल जमीन विवाद से जुड़े आरोप, दस्तावेज और पूर्व पुलिस कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा हैं। सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शन्स द्वारा कब्जा छोड़ने और निर्माण अनुमति सरेंडर करने की बात सामने आने के बाद मामले में आगे की प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है।