मक्का की ओर बढ़ रहे हूती ड्रोन को सऊदी एयर डिफेंस ने मार गिराया, सुरक्षा अलर्ट जारी; हूतियों ने हमले से किया इनकार

सऊदी अरब के अनुसार मक्का के दक्षिण में एक हूती ड्रोन को प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश से पहले इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया। घटना के बाद मक्का समेत देश के कुछ हिस्सों में सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने इसे 2017 के बाद मक्का की ओर दूसरी कोशिश बताया है, जबकि हूती पक्ष ने मक्का या अन्य पवित्र स्थलों को निशाना बनाने से इनकार किया है।

Sep 16, 2026 - 10:37
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मक्का की ओर बढ़ रहे हूती ड्रोन को सऊदी एयर डिफेंस ने मार गिराया, सुरक्षा अलर्ट जारी; हूतियों ने हमले से किया इनकार

UNITED NEWS OF ASIA. सऊदी अरब में मक्का की सुरक्षा को लेकर मंगलवार रात उस समय अलर्ट जारी किया गया, जब सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के मुताबिक मक्का की दिशा में बढ़ रहे एक हूती ड्रोन को एयर डिफेंस सिस्टम ने इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। सऊदी अधिकारियों के अनुसार ड्रोन मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही मार गिराया गया। घटना के बाद मक्का और देश के पश्चिमी हिस्से के कुछ अन्य इलाकों में सुरक्षा चेतावनी जारी की गई तथा लोगों से आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की गई।

सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी के अनुसार रॉयल सऊदी एयर डिफेंस फोर्सेज ने 15 सितंबर की शाम मक्का के दक्षिण में ड्रोन को नष्ट किया। उनके मुताबिक यह हूती समूह की ओर से मक्का को निशाना बनाने की दूसरी कोशिश थी। इससे पहले जुलाई 2017 में मक्का की दिशा में बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च किए जाने की बात सऊदी गठबंधन ने कही थी। उस समय भी सऊदी अधिकारियों ने मिसाइल को मक्का तक पहुंचने से पहले नष्ट करने का दावा किया था।

मक्का इस्लाम का सबसे पवित्र शहर है और यहां स्थित मस्जिद अल-हराम तथा काबा दुनिया भर के मुस्लिमों के लिए प्रमुख धार्मिक स्थल हैं। ऐसे में इस घटना के बाद सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बढ़ाई गई। सऊदी सिविल डिफेंस की ओर से जारी चेतावनी में लोगों से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने और संभावित खतरे की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार यह मक्का में मौजूदा मध्य पूर्व संघर्ष के दौरान जारी पहला ऐसा सुरक्षा अलर्ट था।

हालांकि इस घटना को लेकर सऊदी अरब और हूती पक्ष के दावों में अंतर है। सऊदी गठबंधन ने ड्रोन को हूती समूह द्वारा लॉन्च किए जाने और मक्का की दिशा में बढ़ने की बात कही है। दूसरी ओर हूती अधिकारियों ने मक्का या किसी अन्य इस्लामी पवित्र स्थल को निशाना बनाने से इनकार किया है। इसलिए ड्रोन के वास्तविक उद्देश्य और लक्ष्य को लेकर सऊदी पक्ष के दावे और हूती पक्ष का इनकार दोनों को ध्यान में रखना जरूरी है।

यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब यमन में हूती समूह और सऊदी समर्थित बलों के बीच संघर्ष फिर तेज हुआ है और सऊदी अरब के कई इलाकों में मिसाइल तथा ड्रोन हमलों की खबरें सामने आई हैं। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने इससे पहले खमिस मुशैत, अबहा और ताइफ की ओर हुए हमलों में 13 लोगों के घायल होने की जानकारी दी थी। इन घटनाओं ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है।

मक्का के पास ड्रोन इंटरसेप्ट किए जाने के बाद सऊदी गठबंधन ने दो पवित्र मस्जिदों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता बताया है। वहीं क्षेत्रीय संघर्ष के विस्तार को देखते हुए सऊदी अरब में सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता बढ़ी हुई है। मक्का की घटना के बाद सामने आई जानकारी फिलहाल मुख्य रूप से सऊदी अधिकारियों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है, जबकि हूती पक्ष ने मक्का को निशाना बनाने के आरोप को खारिज किया है।