PM आवास पर बहस के बाद कांग्रेस का भाजपा पर हमला, राकेश ठाकुर ने 18 लाख आवास के आंकड़ों पर उठाए सवाल
रायपुर प्रेस क्लब में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर भूपेश बघेल और विजय शर्मा के बीच हुई खुली बहस के बाद दुर्ग ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने 18 लाख आवास की स्वीकृति, बाद की मंजूरियों और पूर्ण हुए मकानों के आंकड़ों में अंतर का मुद्दा उठाते हुए सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। दोनों नेताओं की बहस में आवासों की स्वीकृति, निर्माण, केंद्र से मिली मंजूरी और पिछली सरकार के कार्यकाल के आंकड़े प्रमुख मुद्दे रहे।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर प्रेस क्लब में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के बीच हुई खुली बहस के बाद छत्तीसगढ़ में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी क्रम में दुर्ग ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर भाजपा सरकार पर निशाना साधा और प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े आंकड़ों को लेकर कई सवाल उठाए। 15 सितंबर को रायपुर प्रेस क्लब में दोनों नेताओं के बीच करीब 80 मिनट तक बहस हुई, जिसमें आवासों की स्वीकृति, निर्माण, केंद्र से मिली मंजूरी और अलग-अलग वर्षों के आंकड़े चर्चा के केंद्र में रहे।
राकेश ठाकुर ने अपने बयान में दावा किया कि भाजपा सरकार ने दिसंबर 2023 में पहली कैबिनेट बैठक के बाद 18 लाख आवासों को लेकर सार्वजनिक रूप से घोषणा की थी। कांग्रेस नेता ने कहा कि उस समय प्रदेशभर में 18 लाख आवास स्वीकृत होने के दावे से जुड़े प्रचार और होर्डिंग लगाए गए थे। उनका आरोप है कि अब इस संख्या को लेकर सरकार की ओर से अलग शब्दावली इस्तेमाल की जा रही है। हालांकि, बहस में 18 लाख के आंकड़े की प्रकृति और बाद में मिली अलग-अलग स्वीकृतियों को लेकर दोनों पक्षों ने अलग-अलग दावे पेश किए। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार पहली कैबिनेट में 18 लाख घरों से संबंधित निर्णय का उल्लेख सरकारी पक्ष की ओर से भी किया गया है।
कांग्रेस नेता ने बहस के दौरान सामने आए आंकड़ों को लेकर भी सवाल उठाया। राकेश ठाकुर का कहना है कि आवासों की संख्या को लेकर अलग-अलग मौकों पर अलग आंकड़े सामने आ रहे हैं और इसी वजह से गरीब परिवारों को वास्तविक स्थिति जानने में परेशानी हो रही है। उन्होंने करीब चार लाख आवासों के आंकड़े को लेकर सरकार से जवाब मांगे जाने का उल्लेख किया। दूसरी ओर, बहस के दौरान विजय शर्मा ने मौजूदा सरकार के कार्यकाल में 11.75 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूरे होने का दावा किया था। उन्होंने पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में लगभग तीन लाख आवास पूरे होने की बात भी कही। ये दोनों आंकड़े संबंधित नेताओं के राजनीतिक दावे हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर हुई बहस में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी अपने कार्यकाल और केंद्र से जुड़ी मंजूरियों के आंकड़े रखे। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक बघेल ने 18 लाख आवास, आवास प्लस और बाद में मिली अलग-अलग स्वीकृतियों का जिक्र करते हुए कुल संख्या को लेकर सवाल उठाए। वहीं विजय शर्मा ने निर्माण और वित्तीय स्वीकृतियों के आधार पर सरकार का पक्ष रखा। दोनों नेताओं के बीच पोर्टल बंद होने, केंद्र से राशि मिलने और पिछली सरकार के दौरान आवासों की प्रगति को लेकर भी मतभेद सामने आए।
राकेश ठाकुर ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार को प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े सभी आंकड़े स्पष्ट रूप से सार्वजनिक करने चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को वर्षवार लक्ष्य, स्वीकृत आवास, केंद्र से मिली मंजूरी, पूर्ण हुए मकान और खर्च की जानकारी अलग-अलग जारी करनी चाहिए, ताकि अलग-अलग आंकड़ों को लेकर चल रहा विवाद खत्म हो सके। बहस के बाद सामने आई रिपोर्टों में भी यह बात सामने आई कि 18 लाख, 28 लाख और 46 लाख जैसे अलग-अलग आंकड़ों के पीछे स्वीकृति, लक्ष्य और निर्माण की अलग-अलग श्रेणियां शामिल हैं, इसलिए इनके बीच सीधी तुलना के लिए मूल सरकारी दस्तावेज जरूरी हैं।
कांग्रेस नेता ने अपने बयान के अंत में साय सरकार से गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराने की समयसीमा और योजना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से अलग सरकार को आधिकारिक और समेकित आंकड़े सामने रखने चाहिए। प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर रायपुर प्रेस क्लब में हुई बहस के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच सोशल मीडिया तथा सार्वजनिक मंचों पर भी बयानबाजी जारी है।