25 सितंबर को देशभर में सामूहिक गाया जाएगा पूर्ण वंदे मातरम, छत्तीसगढ़ के 3 लाख विद्यार्थी भी होंगे शामिल

वंदे मातरम गीत की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर 25 सितंबर 2026 को सुबह 11 बजे देशभर में सामूहिक रूप से पूर्ण वंदे मातरम गान आयोजित किया जाएगा। विद्या भारती के नेतृत्व में होने वाले इस आयोजन में करोड़ों विद्यार्थी, शिक्षक और नागरिकों के शामिल होने का दावा किया गया है। छत्तीसगढ़ के 1100 से अधिक सरस्वती शिशु मंदिरों के करीब 3 लाख विद्यार्थी और 11 हजार शिक्षक भी इसमें सहभागी होंगे। आयोजन को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।

Sep 13, 2026 - 10:26
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25 सितंबर को देशभर में सामूहिक गाया जाएगा पूर्ण वंदे मातरम, छत्तीसगढ़ के 3 लाख विद्यार्थी भी होंगे शामिल

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l वंदे मातरम गीत की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर 25 सितंबर 2026 को देशभर में एक साथ सामूहिक पूर्ण वंदे मातरम गान का आयोजन किया जाएगा। आयोजन के तहत सुबह ठीक 11 बजे लाखों विद्यार्थी, शिक्षक और नागरिक एक ही समय पर एक स्वर में पूर्ण वंदे मातरम का सामूहिक गायन करेंगे। आयोजन से जुड़े आयोजकों के अनुसार इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने के उद्देश्य से निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत तैयारियां की जा रही हैं। इस देशव्यापी आयोजन में छत्तीसगढ़ की भी महत्वपूर्ण सहभागिता होगी।

आयोजकों का कहना है कि वंदे मातरम भारतीय राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और राष्ट्रीय चेतना से जुड़ा महत्वपूर्ण गीत है। इसकी 150वीं वर्षगांठ का अवसर स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देश के लिए संघर्ष करने वाले सेनानियों के त्याग और मातृभूमि के प्रति उनके समर्पण को याद करने का अवसर भी है। इसी उद्देश्य से विद्या भारती द्वारा अखिल भारतीय स्तर पर सामूहिक पूर्ण वंदे मातरम गीत के आयोजन की योजना बनाई गई है।

विद्या भारती से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, संगठन देश के 684 जिलों में शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़ा हुआ है। इसके अंतर्गत शहरी क्षेत्रों के साथ ग्रामीण, जनजातीय और दूरदराज के इलाकों में भी शैक्षणिक संस्थान संचालित किए जाते हैं। संगठन के अनुसार देशभर में 12 हजार से अधिक विद्यालय और लगभग 8 हजार से अधिक अनौपचारिक शिक्षा केंद्र संचालित हैं। सरस्वती शिशु मंदिरों में बड़ी संख्या में विद्यार्थी और शिक्षक शिक्षा से जुड़े हैं। यहां आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, योग, संगीत और नैतिक मूल्यों पर भी जोर दिया जाता है।

छत्तीसगढ़ में भी 25 सितंबर को होने वाले सामूहिक वंदे मातरम गान को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। आयोजकों के अनुसार प्रदेश के 1100 से अधिक सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय इस कार्यक्रम में सहभागी होंगे। इन विद्यालयों में अध्ययनरत करीब 3 लाख विद्यार्थी और लगभग 11 हजार शिक्षक एक साथ सामूहिक गायन में शामिल होंगे। इसके अलावा प्रदेश के युवाओं और आम नागरिकों को भी इस आयोजन से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।

आयोजन को विशेष बनाने के लिए सरस्वती शिशु मंदिरों के आसपास स्थित अन्य विद्यालयों और महाविद्यालयों से भी इसमें सहभागिता का आह्वान किया जा रहा है। आयोजकों ने कहा है कि 25 सितंबर को सुबह 11 बजे आसपास के शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थी और शिक्षक संबंधित सरस्वती शिशु मंदिरों में पहुंचकर सामूहिक गायन में शामिल हो सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड से जुड़े निर्धारित नियमों और प्रोटोकॉल का पालन करने की तैयारी की जा रही है।

आयोजकों ने छत्तीसगढ़ के युवाओं और नागरिकों से भी इस आयोजन में शामिल होने की अपील की है। उनका कहना है कि एक ही समय पर देशभर में सामूहिक रूप से पूर्ण वंदे मातरम का गायन राष्ट्रीय एकता और सामूहिक सहभागिता का संदेश देगा। 25 सितंबर को होने वाले इस आयोजन के लिए प्रदेश के विभिन्न सरस्वती शिशु मंदिरों में तैयारियां तेज कर दी गई हैं और अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।