PM Modi Xi Jinping Meeting: मोदी-जिनपिंग की 50 मिनट की बैठक, रिश्तों में भरोसा बढ़ाने के लिए ‘3 Mutual’ पर जोर

BRICS दिल्ली 2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच करीब 50 मिनट की द्विपक्षीय बैठक हुई। बातचीत में पारस्परिक सम्मान, संवेदनशीलता और हितों के साथ सीमा पर शांति, व्यापार असंतुलन, सप्लाई चेन और दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ाने पर जोर दिया गया।

Sep 13, 2026 - 09:39
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PM Modi Xi Jinping Meeting: मोदी-जिनपिंग की 50 मिनट की बैठक, रिश्तों में भरोसा बढ़ाने के लिए ‘3 Mutual’ पर जोर

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली l नई दिल्ली में आयोजित BRICS दिल्ली 2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच करीब 50 मिनट तक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। यह मुलाकात भारत-चीन संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से आगे बढ़ाने के लिहाज से अहम मानी जा रही है। बैठक में दोनों नेताओं ने आपसी भरोसा मजबूत करने, मतभेदों को विवाद में बदलने से रोकने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-चीन संबंधों में स्थायी भरोसा कायम करने के लिए ‘3 Mutual’ यानी पारस्परिक सम्मान, पारस्परिक संवेदनशीलता और पारस्परिक हित को महत्वपूर्ण बताया। दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य और स्थिर बनाए रखने के लिए इन तीन सिद्धांतों को आधार बनाने पर जोर दिया गया। बातचीत में यह भी स्पष्ट किया गया कि दोनों देशों के बीच मतभेद हो सकते हैं, लेकिन इन्हें विवाद में बदलने से रोकना जरूरी है।

बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने अगस्त 2025 में तियानजिन में हुई पिछली मुलाकात के बाद द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति का स्वागत किया। दोनों पक्षों ने भारत और चीन के रिश्तों को दीर्घकालिक रणनीतिक दृष्टिकोण से आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। इसके साथ ही राजनीतिक और कूटनीतिक स्तर पर संवाद को बनाए रखने तथा आपसी समझ को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।

सीमा पर शांति और स्थिरता को भारत-चीन संबंधों की महत्वपूर्ण बुनियाद के रूप में देखा गया। प्रधानमंत्री मोदी ने सीमा क्षेत्रों में शांति बनाए रखने और मौजूदा समझौतों व आपसी सहमतियों का पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने सीमा से जुड़े मुद्दों का निष्पक्ष, उचित और दोनों पक्षों को स्वीकार्य समाधान तलाशने की दिशा में प्रतिबद्धता दोहराई। भारत के लिए सीमा पर शांति को व्यापक द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति से सीधे जोड़कर देखा जाता है।

बैठक में आर्थिक और व्यापारिक संबंध भी प्रमुख मुद्दों में शामिल रहे। भारत और चीन के बीच व्यापार असंतुलन लंबे समय से एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय रहा है। दोनों पक्षों ने व्यापार से जुड़ी चिंताओं को दूर करने, बाजार तक पहुंच बेहतर बनाने और सप्लाई चेन से संबंधित मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने की जरूरत पर चर्चा की। आर्थिक संबंधों को संतुलित और स्थिर तरीके से आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

दोनों नेताओं ने व्यापार के साथ-साथ लोगों के बीच संपर्क और सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की। दोनों देशों के नागरिकों के बीच आवाजाही आसान बनाने और सीधी हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने जैसे मुद्दे भी भारत-चीन संबंधों को सामान्य बनाने की व्यापक प्रक्रिया का हिस्सा हैं। ऐसे कदमों से पर्यटन, शिक्षा, कारोबार और अन्य क्षेत्रों में संपर्क बढ़ाने की संभावना है।

BRICS के स्तर पर सहयोग बढ़ाने को लेकर भी दोनों नेताओं के बीच चर्चा हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS अध्यक्षता और 2026 के शिखर सम्मेलन की सफलता में चीन के सहयोग की सराहना की। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर समन्वय बढ़ाने तथा साझा चुनौतियों से निपटने के लिए बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग जारी रखने पर जोर दिया।

मोदी-जिनपिंग की यह बैठक ऐसे समय हुई है जब दोनों देश अपने संबंधों में स्थिरता और भरोसा बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। सीमा, व्यापार और रणनीतिक हितों से जुड़े मुद्दों पर चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं, लेकिन शीर्ष नेतृत्व के बीच नियमित संवाद को संबंधों में सुधार और आगे की बातचीत के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।