केंद्र सरकार के अनुसार Startup India Seed Fund Scheme के तहत देशभर में 219 इन्क्यूबेटर्स के लिए 945 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जबकि अब तक 650 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। इस योजना का उद्देश्य नवाचार आधारित स्टार्टअप्स को शुरुआती चरण में वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि नए उद्यमों को आगे बढ़ने के लिए आवश्यक संसाधन मिल सकें।
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू किए गए Startup India अभियान ने देश में नवाचार, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता की नई संस्कृति विकसित की है। उन्होंने कहा कि आज का युवा केवल नौकरी तलाशने तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजगार सृजित करने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। यही परिवर्तन भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में कृषि, वनोपज, खनिज, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और स्थानीय संसाधनों पर आधारित स्टार्टअप्स की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। यदि इन क्षेत्रों में काम करने वाले नवाचारों को समय पर मार्गदर्शन, गुणवत्तापूर्ण इन्क्यूबेशन, वित्तीय सहायता और बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जाए तो राज्य देश के प्रमुख स्टार्टअप हब के रूप में अपनी अलग पहचान बना सकता है।
बृजमोहन अग्रवाल ने यह भी कहा कि Startup India के अगले चरण में उभरते राज्यों, आकांक्षी जिलों और स्थानीय स्तर के नवाचारों को विशेष प्राथमिकता देने की आवश्यकता है। योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र उद्यमी तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचने से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने छत्तीसगढ़ सहित देशभर के युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे Startup India Seed Fund Scheme, Startup India, Atal Innovation Mission, PM MUDRA Yojana, Stand-Up India, PM Vishwakarma, MSME तथा केंद्र और राज्य सरकार की अन्य उद्यमिता एवं स्वरोजगार योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं। उन्होंने युवाओं से अपने नवाचारों और व्यावसायिक विचारों को सफल उद्यम में बदलने का आह्वान किया।
बृजमोहन अग्रवाल ने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ का युवा अपनी प्रतिभा, नवाचार और परिश्रम के बल पर राज्य को देश के अग्रणी स्टार्टअप इकोसिस्टम के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि आत्मनिर्भर और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण को भी नई गति मिलेगी।