ग्राम पंचायत खुटार के निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ ने पंचायत की आय बढ़ाने के लिए संपत्ति कर और जल कर की वसूली पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि पंचायतों को अपने उपलब्ध संसाधनों से आय बढ़ाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने चाहिए, ताकि स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कर वसूली की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने और पात्र लोगों से समय पर कर जमा कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने खुटार पंचायत में निर्माणाधीन मीटिंग हॉल और नौ दुकानों के निर्माण कार्यों का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों को जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए गए, ताकि इनका उपयोग पंचायत की गतिविधियों और स्थानीय आवश्यकताओं के लिए किया जा सके। पंचायत स्तर पर विकसित की जा रही दुकानों से स्थानीय स्तर पर रोजगार और पंचायत की आय बढ़ाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
जिला पंचायत सीईओ ने कहा कि 5000 से अधिक आबादी वाली ग्राम पंचायतों को नगर परिषद की तर्ज पर विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसके लिए ऐसी ग्राम पंचायतों में एक माह के भीतर कर वसूली और कचरा संग्रहण व्यवस्था शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर साफ-सफाई, नियमित कचरा संग्रहण और स्थानीय राजस्व की व्यवस्था से बड़ी ग्राम पंचायतों में शहरी क्षेत्र जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत किया जा सकता है।
खुटार में निर्माण कार्यों में अनियमितता की शिकायत भी निरीक्षण के दौरान सामने आई। इस पर जिला पंचायत सीईओ ने मौके पर स्थिति का जायजा लिया और जांच के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने विकास कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
इसके बाद जिला पंचायत सीईओ ने ग्राम पंचायत ढेंकी का निरीक्षण किया। यहां क्षतिग्रस्त पुलिया के पास मिट्टी के कटाव की समस्या का जायजा लिया गया। उन्होंने मिट्टी कटाव को रोकने के लिए रिटेनिंग वॉल का निर्माण कराने के निर्देश दिए, ताकि बारिश के दौरान क्षेत्र में होने वाले नुकसान को कम किया जा सके और पुलिया के आसपास की संरचना को सुरक्षित रखा जा सके।
ढेंकी में सामुदायिक भवन का भी निरीक्षण किया गया। भवन में पानी के रिसाव की समस्या को गंभीरता से लेते हुए इसे जल्द दूर कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि निर्माण और मरम्मत कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए और समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ ने पंचायतों में विकास कार्यों की नियमित निगरानी, राजस्व बढ़ाने, स्वच्छता व्यवस्था मजबूत करने और अधोसंरचना सुधारने पर जोर दिया। 5000 से अधिक आबादी वाली ग्राम पंचायतों को नगर परिषद की तर्ज पर विकसित करने की पहल से स्थानीय स्तर पर सुविधाओं के विस्तार और बेहतर प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव की उम्मीद है।