जिला पुलिस अधीक्षक कोंडागांव पंकज चंद्रा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कपिल चंद्रा के मार्गदर्शन और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस अभिनव उपाध्याय के पर्यवेक्षण में आयोजित कार्यक्रम में थाना प्रभारी फरसगांव निरीक्षक चंद्रशेखर श्रीवास सहित थाना स्टाफ मौजूद रहा। पुलिस टीम ने बुजुर्गों को साइबर अपराध के बदलते तौर-तरीकों की जानकारी देते हुए उनसे सतर्क रहने की अपील की।
पुलिस ने बताया कि साइबर ठग बुजुर्गों और पेंशनधारियों को अलग-अलग तरीकों से निशाना बनाने का प्रयास करते हैं। ठग खुद को बैंक, ट्रेजरी या किसी सरकारी विभाग का अधिकारी बताकर पेंशन वेरिफिकेशन, जीवन प्रमाण पत्र अपडेट, KYC या आधार लिंक करने के नाम पर फोन अथवा व्हाट्सएप संदेश भेज सकते हैं। इसके बाद फर्जी लिंक के माध्यम से OTP, पासवर्ड और अन्य गोपनीय जानकारी हासिल कर आर्थिक ठगी की जा सकती है। पुलिस ने ऐसे फोन कॉल, संदेश और लिंक से सावधान रहने की समझाइश दी।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि साइबर ठग कई बार लोगों को आकर्षक प्रलोभन देकर उनके मोबाइल सिम या बैंक खाते का गलत इस्तेमाल करने का प्रयास करते हैं। पुलिस ने नागरिकों से किसी भी प्रकार के लालच में आकर अपना बैंक खाता, सिम या गोपनीय जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को उपलब्ध नहीं कराने की अपील की।
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नागरिकों से साइबर जागरूकता QR कोड स्कैन कराया गया। इसके बाद सेल्फी लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड कराई गई और साइबर जागरूकता प्रशंसा प्रमाण पत्र भी जारी करवाए गए। उपस्थित नागरिकों को साइबर अपराध से बचने और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी जागरूक करने की शपथ दिलाई गई।
फरसगांव पुलिस ने नागरिकों को सलाह दी कि किसी अनजान लिंक, APK फाइल या QR कोड को बिना जांचे क्लिक या स्कैन न करें। पुलिस ने स्पष्ट किया कि बैंक, ट्रेजरी या सरकारी विभाग फोन पर OTP, CVV अथवा पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी नहीं मांगते। पेंशन से संबंधित किसी भी समस्या या प्रक्रिया के लिए नागरिक स्वयं संबंधित बैंक अथवा ट्रेजरी कार्यालय से संपर्क करें।
पुलिस ने अनजान नंबरों से आने वाले वीडियो कॉल को लेकर भी सतर्क रहने और अपने मोबाइल सिम या बैंक खाते का इस्तेमाल किसी अन्य व्यक्ति के कहने पर नहीं करने की अपील की। यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो उसे बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने या साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई।
कार्यक्रम के अंत में फरसगांव पुलिस ने कहा कि साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा है। नागरिक स्वयं सतर्क रहने के साथ अपने परिवार, रिश्तेदारों और आसपास के बुजुर्गों को भी साइबर ठगी के नए तरीकों की जानकारी दें। पुलिस ने सामूहिक जागरूकता और सतर्कता के माध्यम से साइबर क्राइम मुक्त छत्तीसगढ़ के संकल्प को मजबूत करने की अपील की।